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Delhi News : क्लासरूम में अचानक गिरी बच्ची, स्कूल में तीसरी कक्षा की छात्रा की मौत

पूर्वी दिल्ली के मयूर के एक स्कूल में 9 साल की छात्रा की अचानक गिरने से मौत हो गई। CCTV फुटेज में बच्ची क्लासरूम में गिरती दिख रही है। पुलिस को फिलहाल किसी गड़बड़ी का संकेत नहीं मिला है

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दिल्ली के स्कूल में 9 साल की छात्रा की अचानक मौत (फोटो-Twitter)

दिल्ली : मयूर विहार स्थित एक स्कूल में बुधवार सुबह 9 साल की छात्रा की अचानक मौत होने का मामला सामने आया है। बच्ची तीसरी कक्षा में पढ़ती थी। क्लासरूम में अचानक गिरने के बाद उसे निर्माण विहार स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह मेडिकल कंडीशन होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 9 बजकर 52 मिनट इस घटना को लेकर PCR कॉल प्राप्त हुई थी। सूचना के अनुसार, मयूर विहार की 9 वर्षीय छात्रा को हॉस्पिटल ले जाया गया था। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

क्लासरूम के CCTV में अचानक गिरती दिखी बच्ची

पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान स्कूल की क्लास का CCTV फुटेज खंगाला। इसमें बच्ची अचानक जमीन पर गिरती दिखाई दे रही है। फुटेज के आधार पर पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों और बच्ची की गतिविधियों की जांच कर रही है।

परिजनों और स्कूल प्रबंधन के बयान होंगे दर्ज

दिल्ली पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले में किसी तरह की गड़बड़ी या फाउल प्ले की जानकारी सामने नहीं आई है। बच्ची के माता-पिता और स्कूल प्रशासन से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए जाने हैं। पुलिस CCTV फुटेज के साथ अन्य जरूरी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची की मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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