Success Story of Engineer Akshat Chaturvedi: कहते हैं कि असफलता से ही सफलता का रास्ता निकलता है। अनगिनत ऐसे उदाहरण हैं जिन्होंने असफल होने के बाद ही सफलता का स्वाद चखा। आज हम आपको एक ऐसे इंजीनियर की कहानी बता रहे हैं जो अपने कैंपस प्लेसमेंट के पहले ही राउंड में फेल हो गया लेकिन हार नहीं मानी। जयपुर के रहने वाले अक्षत चतुर्वेदी जयपुर स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज JECRC में कैंपस प्लेसमेंट के दौरान फेल हो गए थे। कुल 300 छात्रों में से केवल 5 छात्र पहले ही राउंड में बाहर हो गए थे, जिनमें अक्षत भी शामिल थे। इसके बाद भी अक्षत ने हार नहीं मानी और आज खुद की कंपनी बनाकर युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए। अक्षत को राजस्थान इनोवेशन लीडरशिप अवार्ड 2022 में Best Employer Brand Award से भी सम्मानित किया गया था।
प्रेरक है कहानी
हर स्टूडेंट की तरह अक्षत भी कैंपस प्लेसमेंट में शामिल हुए थे और उनका सपना था कि इंजीनियरिंग के सातवें सेमेस्टर में Capgemini जैसी इंटरनेशनल कंपनी में उनका चयन हो जाए। लगभग 300 स्टूडेंट्स ने इस प्लेसमेंट ड्राइव में हिस्सा लिया लेकिन पहले राउंड यानी एप्टीट्यूड टेस्ट में ही अक्षत समेत 5 स्टूडेंट्स बाहर हो गए। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी मां से मोटिवेशन लिया। अक्षत बताते हैं कि जब उन्हें प्लेसमेंट में रिजेक्शन मिला, तब उनकी मां ने कहा कि नियति हमेशा कुछ बड़ा सोच रही होती है, तुम्हारे लिए भी कुछ खास होगा।
ऐसा है परिवार
अक्षत के पिता ओमप्रकाश चतुर्वेदी का प्लास्टिक ग्रेन्यूल्स का छोटा सा व्यापार था। यहीं से अक्षत ने पिता की तरह संघर्ष करना सीखा। कुछ दोस्तों की मदद से उन्हें आईटी इंडस्ट्री में हाथ आजमाया और जनवरी 2020 में उन्होंने एक स्टार्टअप — Brain Box Apps लॉन्च किया। आज, अक्षत की कंपनी 600 से ज्यादा कंपनियों को आईटी सेवाएं प्रदान कर रही है। मोबाइल ऐप डेवलपमेंट से लेकर टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस तक, अक्षत ने अपने बिज़नेस को आसमान की बुलंदियों तक पहुंचाया है।
ऐसी है एजुकेशन
अक्षत की पढ़ाई की बात करें, तो उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा जयपुर में की। उन्होंने 10वीं की शिक्षा सरस्वती विद्या निकेतन, बनी पार्क और 12वीं माहेश्वरी पब्लिक स्कूल, तिलक नगर से पास की। इसके बाद स्नातक में B.Tech JECRC फाउंडेशन, जयपुर से इंजीनियरिंग की।
