एजुकेशन

Subhas Chandra Bose Jayanti Holiday: 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस जयंती, क्या बंद रहेंगे स्कूल और कॉलेज

Subhas Chandra Bose Jayanti School Holiday: 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई जाती है। नेताजी सुभास चंद्र बोस भारत के महान क्रन्तिकारी थे। उन्होंने भारत की आजादी के लिए कई आंदोलनों में भाग लिया और साथ ही आजाद हिन्द फौज की स्थापना की। आइये जानते हैं क्या इस अवसर पर स्कूल बंद रहेंगे।

Image

Subhas Chandra Bose Jayanti School Holiday

Subhas Chandra Bose Jayanti School Closed News: 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई जाती है। नेताजी सुभास चंद्र बोस भारत के महान क्रन्तिकारी थे। सुभाष चंद्र बोस ने भारत की आजादी के लिए कई आंदोलनों में भाग लिया और साथ ही आजाद हिन्द फौज की स्थापना की थी। नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 में ओडिशा के कटक में बंगाली परिवार में हुआ था। उनको नमन करने के लिए प्रतिवर्ष 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस अवसर पर स्कूली छात्र कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं और नेताजी के योगदान को याद करते हैं। हालांकि इस बीच गूगल पर छात्र सर्च कर रहे हैं कि क्या सुभाष चंद्र बोस जयंती पर स्कूल बंद रहेंगे? आइये जानते हैं क्या इस अवसर पर स्कूल बंद रहेंगे।

Subhas Chandra Bose Jayanti Holiday: सुभाष चंद्र बोस जयंती अवकाश

उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित अधिकतर राज्यों में छात्र-छात्राओं के लिए 23 जनवरी गुरुवार को सुभाष चंद्र बोस जयंती के अवसर पर अवकाश नहीं है। 23 जनवरी सुभाष चंद्र बोस जयंती के अवसर पर स्कूलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बता दें कि झारखंड में 23 जनवरी सुभाष चंद्र बोस जयंती के अवसर पर स्कूलों में अवकाश रहेगा। बीते कार्यकाल में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर 23 जनवरी को कार्यपालक आदेश के तहत राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का आदेश दिया था। इस आदेश के तहत राज्य सरकार के सभी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज व अन्य संस्थान बंद रहेंगे।

Subhas Chandra Bose Biography in Hindi: सुभाष चंद्र बोस जीवनी

बता दें कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस (23 जनवरी 1897 —18 अगस्त 1945) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी तथा सबसे बड़े नेता थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान, अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ने के लिए, उन्होंने जापान के सहयोग से आज़ाद हिन्द फ़ौज का गठन किया था। उनके द्वारा दिया गया "जय हिन्द" का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया है। "तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा" का नारा भी उनका था जो उस समय अत्यधिक प्रचलन में आया।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article