PPC 2026: परीक्षा पे चर्चा (PPC) 6 फरवरी को, इस बार 4.50 करोड़ लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन
- Authored by: नीलाक्ष सिंह
- Updated Feb 3, 2026, 06:27 PM IST
Pariksha Pe Charcha 2026 Date: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल 6 फरवरी, 2026 को छात्रों के साथ Pariksha Pe Charcha करेंगे। यह घोषणा पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक 'X' (पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था) अकाउंट के जरिए दी। इस बार 4.50 करोड़ लोगों ने पंजीकरण कराया है। जानें इनमें शिक्षको व अभिभावकों की संख्या
परीक्षा पे चर्चा (PPC) 2026 (image -mygov.in/ppc-2026)
Pariksha Pe Charcha 2026 Date, Time, Place Venue: हो जाएं तैयार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 फरवरी, 2026 (शुक्रवार) को छात्रों के साथ अपनी सालाना बातचीत करने जा रहे हैं। यह घोषणा पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक 'X' (पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था) अकाउंट के जरिए दी। इस बार रिकॉर्ड 4.50 करोड़ लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इस बार पहली बार ऐसा हुआ है कि देश के अलग-अलग हिस्सों जैसे देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर और कई जगहों पर कई प्री-इवेंट आयोजित किए गए।
Pariksha Pe Charcha 2026 me kya hota hai
इस बातचीत में, पीएम मोदी छात्रों से परीक्षा के तनाव को कैसे संभालें, इस बारे में बात करते हैं। (Pariksha Pe Charcha 2026 me kya hoga) इस दौरान बोर्ड में शामिल होने वाले बच्चों के साथ शिक्षकों व अभिवाहकों को भी पीएम मोदी से बात करने का अवसर मिलता है। इस दौरान छात्र पीएम मोदी से परीक्षा के दबाव, पढ़ने के लिए प्रेरणा और लक्ष्य निर्धारण, मानसिक तनाव से कैसे निपटें, और भी बहुत कुछ के बारे में सवाल पूछ पाएंगे।
देखें आधिकारिक ट्वीट
रिकॉर्ड लोगों ने कराया पंजीकरण, Pariksha Pe Charcha 2026 Registration
इस बार, परीक्षा पे चर्चा (PPC) के लिए कुल 4.50 करोड़ लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 4,19,14,056 छात्रों ने पंजीकरण कराया है, 24,84,259 शिक्षकों और 6,15,064 माता-पिता भाग ले रहे हैं।
जो उम्मीदवार व्यक्तिगत रूप से बातचीत में शामिल नहीं हो पाएंगे, उनके लिए बातचीत का लाइव प्रसारण भी किया जाएगा।
परीक्षा पे चर्चा 2026 कब होगी, Pariksha Pe Charcha 2026 Date
परीक्षा पे चर्चा (PPC) 2026 का नौवां एडिशन 6 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में होने वाला है। संबंधित अन्य जानकारी के लिए आप mygov.in/ppc-2026 पर जा सकते हैं। बता दें, हर साल इसका आयोजन किया जाता है ताकि छात्र खुद को प्रेशर में न महसूस करें