Pariksha Pe Charcha 2023 Highlights: क्या था परीक्षा पे चर्चा में पूछा गया आखिरी सवाल, जिस पर गंभीरता दे दिया मोदी ने जवाब
Pariksha Pe Charcha 2023 Highlights: क्या था परीक्षा पे चर्चा में पूछा गया आखिरी सवाल, जिस पर गंभीरता दे दिया मोदी ने जवाब
Pariksha Pe Charcha 2023 LIVE Streaming Online
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार, पिछले साल की तुलना में पंजीकरण कम से कम 15 लाख अधिक हैं। रजिस्टर्ड 38 लाख से अधिक छात्रों ने इस वर्ष परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी) में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया, जिनमें से 16 लाख से अधिक राज्य बोर्डों से हैं। यह पीपीसी 2022 के दौरान हुए पंजीकरण (15.73 लाख) से दो गुना अधिक है। पंजीकरण 155 देशों से किया गया है।
यह एक लाइव शो है, इस टेलीकॉन्फ्रेंसिंग कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स, पैरेंट्स और टीचर्स प्रधानमंत्री से बोर्ड परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए यह बेस्ट पर्फॉर्मेंस देने के लिए सुझाव ले सकते हैं। स्टूडेंट्स, पैरेंट्स और टीचर्स के इन सवालों का जवाब पीएम वीडियो-इंटेरैक्शन में लाइव देंगे। साथ ही, स्टूडेंट्स को करियर संबंधी टिप्स भी देंगे।
Pariksha Pe Charcha 2023 LIVE: Watch Here
PPC 2023 Live - परीक्षा पे चर्चा 2023 का अंतिम सवाल
Narendra Modi ने इस पर कहा कि 'बच्चे का समाज में जितना विस्तार हो होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि, एक बच्चे को पैसे दो उससे कहो कि जाओं घूमकर आओ, पैसे खर्च करके आओ उसे अनुभव दिलाने के लिए जितना कर सकते हैं उतना करना चाहिए, उससे लोगों से मिलने का मोटिवेशन मिलना चाहिए। उसे बंधनों में मत बांधिए। पहले रिश्तेदारों के यहां इसलिए ले जाते थे बच्चों को कि उसका दायरा बढ़ सके, लोगों को देख व उनसे मिलकर उसे दुनियादारी समझ आती है, हां, ऐसे में हमें सही गलत भी बताना चाहिए।
मां बाप को बच्चों की हर छोटी बात को गौर करना चाहिए। कुल मिलाकर जितना खुलापन वह अपनाएगा, उसका व्यवहार अपने आप ही उसे समझ आएगा, कि कहां किस माहौल में कैसे रहना चाहिए, बशर्ते उसे अवसरों की कमी नहीं होनी चाहिए।
अधिक भाषाएं सीखने के लिए क्या करना चाहिए?
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Narendra Modi ने इस जवाब पर कहा 'भारत विविधताओं से भरा हुआ देश हैं, हम गर्व से कह सकते हैं कि यहां सैकड़ों भाषाएं हैं, हजारों बोलियां हैं, यह एक गर्व की बात है'कभी कभी आपने देखा होगा कि विदेशी व्यक्ति नमस्ते बोलने की कोशिश करता है। आप तुरंत अपनापन महसूस करते हैं, आप उससे बात करने में सहज होते हैं।आगे उन्होंने कहा 'मन लगाकर एक आध भाषा सीखने से केवल फायदा होता है, आपकी वैल्यू बढ़ती है।बहुत कम लोग जानते हैं तमिल भाषा देश ही नहीं दुनिया की सबसे पुरानी भाषा है। ऐसे में भाषा की जबरदस्त पहचान होती है, और उसे बोलने वाली की भी उतनी ही पहचान बढ़ती है।जब उत्तर भारत का आदमी डोसा, सांभर खाता है, और दक्षिण भारत का आदमी पराठा सब्जी खाता है, तो हमें एक दूसरे की भाषा भी आनी चाहिए भले आपको कम आती है लेकिन आनी चाहिए, इससे अपनापन बढ़ता है, भाईचारा बढ़ता है, प्यार बढ़ता है।
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Pariksha Pe Charcha 2023 के दौरान जवाब में पीएम मोदी ने कहा 'सबसे पहले यह निर्णय करों कि आप स्मार्ट हैं या गेजेट ज्यादा स्मार्ट हैं' विजन को क्लियर रखिए कि आप गैजेट से ज्यादा स्मार्ट है, इसे हावी मत होने दीजिए, आपने गैजेट बनाया है नाकि गैजेट ने आपकोआगे उन्होंने कहा कि भारत में लोग 6 घंटे तक स्क्रीन पर बिताते हैं। जब रील देखना शुरू करते हैं तो पता नहीं चलता कि कितना कीमती समय बर्बाद हो गया। इस उम्र में इतना ज्यादा समय गैजेट को देना भविष्य के साथ खिड़वाड़ करना है।
मोदी ने कहा, मेरे हाथ में मोबाइल को बहुत कम देखा होगा। क्योंकि मैंने उसे अपने उपर हावी नहीं होने दिया है, इसपर लोगों ने तालियां बजाई।मोदी ने कहा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें, लेकिन आवश्यकता के अनुसार करें। टेक्नोलॉजी का गुलाम न बनें।
PPC 2023 Live - आलोचना और चुनौतियों को कैसे हैंडल करें
1— जब मैं अपने आप को आपकी पोजिशन पर रखती हूं तो इतनी जिम्मेदारी के बीच अपना कर्तव्य कैसे निभाया जा सकता है।
2— जब विपक्ष और मीडिया आपके विरुद्ध होते हैं तो आप इसका कैसे सामना करते हैं।
3— पीएम होने के नाते चुनौतियों से कैसे लड़ते हैं?
4— हर आलोचना को कैसे टॉनिक के रूप में लेते हैं?
जवाब में PM Modi ने कहा, जब परीक्षा देने के बाद किसी से चर्चा करते हैं, तो आप कहते हैं कि आउट आफ सिलेबस सवाल आया है। इस पर आडियंस ने हंसी भरी।उन्होंने कहा 'मैं मानता हूं कि समृद्ध होने के लिए आलोचना एक शर्त है, एक सिद्धी है। इसीलिए आपने देखा होगा कि ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी आई है, जिसमें लोग अपनी अपनी टेक्नोलॉजी बताते हैं, ऐसे में कई लोग अपने अपने इनपुट देते है, जिससे सबके प्रयास से सॉफ्टवेयर बन जाता है।कई कंपनियां कहती हैं कि यदि आप अच्छा करेंगे तो आपको ईनाम दिया जाएगा, ऐसे में आप कमियों पर काम करेंगे और अच्छा प्रदर्शन करेंगे।मान लीजिए आपके स्कूल में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता है। लेकिन कोई दोस्त कहेगा कि यह आप पर अच्छा नहीं लग रहा है, जबकि दूसरा कहेगा कि ''देखों यह क्यापहनकर आया है, कोई ऐसे पहनता है क्या''ऐसे में कोई पॉजिटिव कहता है तो कोई निगेटिव आप इन बातों को बक्शे में डालिए, इगनोर करिये। यदि कोई अच्छे के लिए टोकता है, तो वह आलोचना नहीं है, बल्कि एक बार और विचार करने का मौका है।
इसके अलावा उन्होंने माता पिता से भी कहा कि बच्चों को कम से कम टोकिए, पार्लियामेंट में देखिए, जब कोई खड़ा होकर बोलता है तो कोई न कोई उस पर नकारात्मक टिप्पणी कर देता है, इसके बाद उस टिप्पणी पर रिएक्ट करना पड़ता है, ऐसे में वह अपनी तैयारी छोड़कर उस टिप्पणी पर ध्यान देना है, जिससे वह अपनी बात को उस निर्धारित समय में नहीं कह पाता है।
