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IIT की राह हुई और कठिन, JEE Advanced में रिकॉर्ड संख्या में छात्र हुए सफल

देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में एक JEE Advanced 2026 के नतीजों ने इस बार कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। इस वर्ष 1.79 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी, जिनमें से 56,880 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए

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JEE Advanced

देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में गिने जाने वाले JEE Advanced 2026 के नतीजों ने इस बार कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। इस वर्ष 1.79 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी, जिनमें से 56,880 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। खास बात यह है कि 31.65 प्रतिशत छात्रों का क्वालिफाई करना पिछले नौ वर्षों में सबसे बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है। इससे पहले 2018 में केवल 20.62 प्रतिशत छात्र सफल हुए थे। वहीं पिछले साल यह आंकड़ा 30.14 प्रतिशत था।

IIT की सीटों पर बढ़ी प्रतिस्पर्धा

JEE Advanced में सफल होना IIT में प्रवेश की गारंटी नहीं है। देश के 23 IITs में इस समय लगभग 18 हजार सीटें उपलब्ध हैं, जबकि क्वालिफाई करने वाले छात्रों की संख्या 56 हजार से ज्यादा है। इसका मतलब है कि एक सीट के लिए औसतन तीन से अधिक छात्र दावेदारी कर रहे हैं। अब छात्रों की रैंक, श्रेणी और पसंदीदा ब्रांच के आधार पर JoSAA काउंसलिंग के जरिए सीटों का आवंटन किया जाएगा।

दिल्ली के शुभम बने ऑल इंडिया टॉपर

इस साल दिल्ली के शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की है। उन्होंने फिजिक्स में 98, केमिस्ट्री में 120 और मैथ्स में 112 अंक प्राप्त करते हुए कुल 330 अंक हासिल किए। हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में यह टॉप स्कोर अपेक्षाकृत कम माना जा रहा है। पिछले दशक में दूसरी बार ऐसा हुआ है जब केमिस्ट्री में किसी टॉपर ने परफेक्ट स्कोर हासिल किया है।

JEE Advanced

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लड़कियों का प्रदर्शन भी रहा शानदार

JEE Advanced 2026 में लड़कियों की भागीदारी और सफलता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। इस वर्ष 10,107 छात्राओं ने परीक्षा क्वालिफाई की है, जो पिछले दस वर्षों में सबसे अधिक संख्या है। वर्ष 2016 में यह संख्या केवल 4,570 थी। यानी एक दशक में सफल छात्राओं की संख्या दोगुने से भी अधिक हो गई है।

दो दोस्तों की मेहनत ने रचा इतिहास

इस बार रिजल्ट की एक दिलचस्प कहानी भी चर्चा में है। कोटा में साथ पढ़ने और हॉस्टल में रहने वाले दो दोस्तों ने ऑल इंडिया रैंक-1 और रैंक-2 हासिल की है। दोनों छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, अनुशासन और सीमित संसाधनों के बेहतर उपयोग को दिया। उनकी कहानी लाखों JEE अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

कटऑफ में भी हुआ बदलाव

इस साल कॉमन रैंक लिस्ट के लिए कटऑफ 25.56 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है। सामान्य वर्ग के छात्रों को क्वालिफाई करने के लिए अधिक अंक हासिल करने पड़े। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे परीक्षा में छात्रों के प्रदर्शन के स्तर और प्रतिस्पर्धा दोनों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

JEE Advanced 2026 के नतीजे यह साफ दिखाते हैं कि देश में इंजीनियरिंग शिक्षा के प्रति छात्रों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। बढ़ती सफलता दर, छात्राओं की मजबूत भागीदारी और IIT सीटों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा इस परीक्षा को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना रही है।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंह author

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई क... और देखें

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