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DU Admission 2026: क्या अब भी डीयू के 2 से 3 कॉलेजों में एक साथ ले सकते हैं एडमिशन? जानें क्या कहता है नया नियम

DU Admission 2026: डीयू में पहले एक साथ 2 से 3 कॉलेज में एडमिशन लेकर छात्र अपनी सीट सुरक्षित करते थे। क्या अब भी यह नियम है? इसे लेकर छात्रों और अभिभावकों में कंफ्यूजन बरकरार है। आइए जानते हैं सीट अलॉटमेंट के नए नियम के बारे में-

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क्या अब भी DU के 2 से 3 कॉलेजों में एक साथ ले सकते हैं एडमिशन? (Photo - AI)

DU Admission 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होते ही छात्रों और अभिभावकों के मन में बेस्ट कॉलेज और वहां एडमिशन के नियमों को लेकर कई तरह के सवाल रहते हैं। ऐसे में अक्सर छात्रों के मन में यह पुरानी धारणा होती है कि क्या वे पहले की तरह डीयू के 2 से 3 कॉलेजों में एक साथ एडमिशन लेकर अपनी सीट सुरक्षित रख सकते हैं? या फिर एक बार में केवल एक ही कॉलेज में दाखिला मुमकिन है? यदि आप भी नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में डीयू में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे हैं और आपको इस नियम और डीयू के कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) नियमों के बारे में जानना और इसे समझना जरूरी है।

क्या एक साथ 2 से 3 कॉलेजों में एडमिशन लिया जा सकता है?

इसका सीधा और स्पष्ट जवाब है—नहीं। दिल्ली विश्वविद्यालय के वर्तमान नियमों के अनुसार, कोई भी छात्र एक ही समय पर डीयू के दो या तीन अलग-अलग कॉलेजों में एडमिशन नहीं ले सकता है। सीयूईटी लागू होने से पहले डीयू में प्रवेश 12वीं के अंकों के आधार पर होता था। ऐसे में कई बार एक छात्र 1 कॉलेज में एडमिशन लेते थे और जब उससे बेहतर कॉलेज की मेरिट लिस्ट में उनका नाम आता था तो वह वहां भी एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कर लेते थे। एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बेस्ट कॉलेज में पढ़ने के लिए वह बाकी के अन्य संस्थानों से एडमिशन withdrawal करते थे और फीस रिफंड हो जाती थी। पर जब से सीयूईटी के माध्यम से एडमिशन प्रक्रिया शुरू हुई है, तब से 2 से 3 कॉलेज में एडमिशन लेने की प्रक्रिया बंद कर दी गई है।

सीयूईटी के बाद डीयू सीट आवंटन की सूची जारी करता है, तो उम्मीदवार को उसकी प्राथमिकता (Preference) और सीयूईटी (CUET) स्कोर के आधार पर पूरे विश्वविद्यालय में केवल एक ही सीट आवंटित की जाती है। छात्र के पास एक समय में केवल उसी एक सीट को स्वीकार करने और उसकी फीस भरकर दाखिला लेने का विकल्प होता है। सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया में एक से अधिक कॉलेजों में एक साथ सीट ब्लॉक करने का कोई प्रावधान नहीं है।

क्या बाद में कॉलेज बदलने का मौका मिलता है?

हां, भले ही आप एक साथ कई कॉलेजों में एडमिशन नहीं ले सकते, लेकिन आपको अपना कॉलेज बदलने या 'अपग्रेड' करने का पूरा मौका मिलता है। यदि आपको पहले राउंड में कोई ऐसा कॉलेज या कोर्स मिला है जिससे आप पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं, तो आपको सबसे पहले उस आवंटित सीट को स्वीकार करना होगा और उसकी फीस जमा करनी होगी। फीस जमा करने के बाद आपके पास पोर्टल पर दो विकल्प दिखाई देंगे- फ्रीज और अपग्रेड या फ्लोट।

फ्रीज: यदि आप अपनी मिली हुई सीट से खुश हैं और आगे कॉलेज नहीं बदलना चाहते तो फ्रीज कर सीट को स्वीकार करें और एडमिशन प्रक्रिया पूरी करें।

अपग्रेड: यदि आप अगले राउंड में अपनी ऊपर की प्राथमिकताओं वाले बेहतर कॉलेज में जाना चाहते हैं, तो आपको अपग्रेड के ऑप्शन का चयन करें। यदि अगले राउंड में आपकी रैंक के अनुसार बेहतर कॉलेज मिल जाता है, तो आपका पुराना एडमिशन अपने आप रद्द हो जाएगा और नए कॉलेज में सीट ट्रांसफर हो जाएगी।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

यदि आपको किसी राउंड में कोई सीट आवंटित होती है और आप उसे तय समय सीमा के भीतर 'स्वीकार' नहीं करते हैं, तो आप काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। इसके साथ ही कॉलेज द्वारा आपके दस्तावेजों की जांच के बाद, ऑनलाइन फीस जमा करने की आखिरी तारीख से पहले भुगतान करना जरूर है। फीस जमा न होने की स्थिति में सीट पर आपके दावे को रद्द माना जाएगा।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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