एजुकेशन

CBSE : सीबीएसई की शानदार पहल, शुरू किया काउंसलिंग एंड स्पोक स्कूल मॉडल, जानें बच्चों को कैसे व क्या होगा फायदा

CBSE Counselling Hub and Spoke School Model: सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए Counselling Hub and Spoke School Model शुरू किया है, जिसका उद्देश्य छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना है।

Image

image - unsplash

CBSE Counselling Hub and Spoke School Model: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए काउंसलिंग Hub and Spoke School Model शुरू किया है, इस पहल का उद्देश्य छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण (students’ mental health and overall well-being) को बढ़ावा देना है। यह पहल समय पर मनो-सामाजिक सहायता प्रदान करने और एक स्वस्थ शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में एक सहयोगी परामर्श नेटवर्क बनाने पर केंद्रित है।

आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस मॉडल को "हब स्कूलों और स्पोक स्कूलों के एक सहयोगी नेटवर्क को बढ़ावा देकर स्कूलों में मनो-सामाजिक सहायता प्रणालियों को मजबूत करने" के लिए डिजाइन किया गया है। सीबीएसई ने इस सत्र के लिए चयनित हब और स्पोक स्कूलों की सूची भी जारी की है, जिसमें केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, सैनिक स्कूल, ओडिशा आदर्श विद्यालय संगठन, राज्य शिक्षा निदेशक, एडब्ल्यूईएस और केंद्रीय तिब्बती स्कूल प्रशासन शामिल हैं।

पहल का उद्देश्य

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप, इस पहल का उद्देश्य काउंसलिंग एक्सेस का विस्तार करना, स्कूलों की संस्थागत क्षमता को बढ़ाना और छात्रों के कल्याण के लिए सहकर्मी शिक्षा को बढ़ावा देना है। स्कूल प्रमुख या प्रधानाचार्य केंद्रीय प्राधिकारी के रूप में कार्य करेंगे और मॉडल के सुचारू क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेंगे, जबकि परामर्शदाता और स्वास्थ्य शिक्षक छात्रों को प्रत्यक्ष मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करेंगे।

हब स्कूल परामर्शदाता, स्पोक स्कूल परामर्शदाताओं के साथ मिलकर मासिक गतिविधियां संचालित करेंगे जो निरंतर मनोसामाजिक सहायता प्रदान करेंगी। एक संरचित रिपोर्टिंग प्रणाली भी स्थापित की गई है, जिसके अंतर्गत स्पोक स्कूलों को अपने हब स्कूलों को मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इन रिपोर्टों को संकलित करके प्रत्येक माह की 5 तारीख तक एक निर्दिष्ट गूगल फॉर्म के माध्यम से सीबीएसई को भेजा जाएगा, जिससे सभी परामर्श गतिविधियों की व्यवस्थित निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित होगा।

परामर्श ढांचों को सुदृढ़ करके और स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता को एकीकृत करके, cbse counselling हब और स्पोक मॉडल, उभरते शैक्षिक परिदृश्य में छात्रों की भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण कदम बनने के लिए तैयार है।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

और पढ़ें
End of Article