Hindi Diwas 2022: भारत धर्म और भाषा की विविधताओं से भरा हुआ देश है। कहा जाता है कि यहां पर कहावत है कि, हर दस कोस के बाद लोगों की वाणी (बोली) बदल जाती है। इस देश में सैकड़ों तरह की भाषा और बोलियां बोली जाती है। हालांकि इन सबमें हिन्दी सबसे प्रमुख भाषा है। यह सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है और इसे राज्यभाषा का दर्ज प्राप्त है। हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने के लिए महान साहित्यकार राजेंद्र सिंह ने काफी प्रयास किया था और उनके प्रयासों से ही संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा घोषित किया। राजेंद्र सिंह के इन प्रयासों के कारण ही उनके जन्मदिन 14 सितंबर पर हर साल हिंदी दिवस मनाया जाता है।
कई बच्चों के लिए उनकी मातृभाषा हिन्दी ही विदेशी भाषा की तरह हो गई है। बच्चों को वर्णमाला तक नहीं पता होते हैं। अगर आपके बच्चे भी हिन्दी में कमजोर हैं, तो यहां पर हम 8 ऐसे तरीके बता रहें हैं, जिनकी मदद से आप अपने बच्चों को उनकी मातृभाषा के करीब ला सकते हैं।
1. घर पर बच्चों के साथ हिंदी भाषा में छोटे-छोटे वार्तालाप करें। ऐसा करने से वो आपके साथ व्यस्त रहेंगे और ज्यादा से ज्यादा अक्षर जानेंगे। घर की वस्तुओं, गतिविधियों और घटनाओं का हिन्दी में वर्णन करें और बीच-बीच में एक टिप्पणीकार का रोल अदा करें।
2. अपनी बातों को समझाने के लिए विभिन्न प्रकार के शब्दों और व्याकरण का उपयोग करें। साथ ही उन्हें कहानियां भी सुनाएं। इस दौरान ध्यान रखें कि कहानियां ऐसी हों जिससे बच्चों की जिज्ञासा हिन्दी की तरफ बढ़े और वे इसे सीख सखें।
3. घर को कार्यों को करते समय उनके नाम के साथ मतलब भी बच्चों को हिन्दी में बतायें, दिखाएं और समझाएं। माना जाता है कि गतिविधियों या वस्तुओं में उलझाने से बच्चों में भाषा का विकास जल्दी होता है।
4. हिन्दी की तरफ बच्चों का रुझान बढ़ाने के लिए इंटरैक्टिव और पिक्चर बुक्स का उपयोग भी कर सकते हैं। इससे बच्चे नई चीजें सीखते हुए बोर नहीं होंगे और जल्दी सीखेंगे भी।
5. बच्चों को भाषा की सीख संगीत के माध्यम से भी अच्छे से दी जा सकती है। संगीत के साथ बच्चे शब्दों को जोड़ते हुए जल्दी सीखते हैं। जब बच्चे किसी गाने को सुनते हैं तो वे अपने आसपास की दुनिया और भाषा के बीच के शब्दों को जोड़ने की कोशिश करते हैं।
6. बच्चों के सामने कभी भी उनकी तरह बोलने का प्रयास ना करें। इससे बच्चे नई चीजों को सीखने से डरने लगते हैं। अगर वे किसी शब्द को तुतला तुतलाकर या गलत उच्चारण कर रहे हैं तो उन्हें सही शब्द सिखाएं, उनका मजाक न उड़ाएं।
7. प्रतिदिन आपका बच्चा क्या देख रहा है या कर रहा है इसके बारे में विवरण देने के लिए हिन्दी भाषा का उपयोग करें। उनके सामने उनकी दैनिक दिनचर्या पर टिप्पणी अवश्य करें जैसे हाथ धोने पर, खाने पर, डायपर बदलने पर, सोने पर, नहाने पर, चलने पर आदि।
8. बच्चों में जब भाषा की तरफ रुझान बढ़ने लगे तो उन्हें हिन्दी की बुक पढ़ने को दें। बुक कहानियों या फिर व्याकरण की हो सकती है। इससे बच्चे इस भाषा का गहराई से समझ सकेंगे। बच्चों को हिन्दी के महत्व और इतिहास के बारे में भी बताएं, इससे वे इस भाषा को अच्छी तरह समझ पाएंगे
हिंदी को अन्य भाषाओं की तुलना में सरल और उदार भाषा माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसे जैसा लिखा जाता है वैसा ही बोला भी जाता है। इसलिए कोई भी व्यक्ति इस भाषा को आसानी से सीख सकता है। हालांकि इसके बाद भी आज के समय में बच्चे अपने मातृभाषा हिन्दी से दूर होते जा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण घर और स्कूल में अंग्रेजी का प्रयोग बढ़ना।

