Delhi AQI: दिल्ली में AQI बना सिरदर्द; रेड जोन में 16 इलाके, हवा अब भी हानिकारक
- Curated by: Nilesh Dwivedi
- Updated Dec 11, 2025, 11:23 AM IST
दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। गुरुवार सुबह राजधानी का AQI 285 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है, जबकि कई इलाकों में ‘बेहद खराब’ स्तर देखा गया। लगातार नौ दिनों की खराब हवा के बाद भी अधिकांश क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह बना हुआ है।
गाजीपुर इलाके के आस-पास स्मॉग की एक परत छाई हुई दिखी (फोटो: ANI)
Delhi AQI Today: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक गुरुवार सुबह 8 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 285 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। राजधानी के 16 क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर 300 से ऊपर रहा, जिन्हें रेड जोन में शामिल किया गया है। रोहिणी में सबसे अधिक AQI 343 दर्ज हुआ, जबकि कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बिगड़ने के कारण येलो अलर्ट जारी किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 259 रहा, जो मंगलवार के 282 की तुलना में थोड़ा बेहतर है। लगातार नौ दिनों तक बेहद खराब हवा के बाद मंगलवार से लोगों को थोड़ी राहत मिलनी शुरू हुई है। सीपीसीबी के मानदंडों के अनुसार, AQI 0-50 को अच्छा, 51-100 को संतोषजनक, 101-200 को मध्यम, 201-300 को खराब, 301-400 को बेहद खराब और 401-500 को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।
दिल्ली के इलाकों में कैसा रहा AQI?
गुरुवार को दिल्ली के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई और कई जगहों पर प्रदूषण का स्तर चिंताजनक पाया गया। दिल्ली कैंट में AQI 302 दर्ज हुआ, जबकि बवाना में 334, डीटीयू में 331, जहांगीरपुरी में 341, मुंडका में 326 और नेहरू नगर में 339 का AQI रिकॉर्ड किया गया। वहीं सिरी फोर्ट का AQI 288, विवेक विहार का 321, वजीरपुर का 327, शादिपुर का 266 और अक्षरधाम का 302 दर्ज किया गया, जो सभी ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आते हैं।
एनसीआर क्षेत्रों में AQI का हाल
फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 286 दर्ज हुआ, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है, जबकि गुरुग्राम का AQI 188 रहा, जिसे ‘मध्यम’ स्तर माना जाता है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम में AQI 288 रिकॉर्ड किया गया, जो खराब श्रेणी में शामिल है। गोरखपुर में हवा की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही और AQI 83 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में है। ग्रेटर नोएडा में AQI 236 रहा, जो खराब श्रेणी में आता है। नोएडा की वायु गुणवत्ता 309 के स्तर के साथ ‘बेहद खराब’ बनी रही, जबकि मुजफ्फरनगर में AQI 330 रिकॉर्ड किया गया, जिसे भी ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रखा गया है।
यहां दिखा वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार
कुछ क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार जरूर दिखाई दिया, लेकिन स्तर अब भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह बना हुआ है। आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर AQI 211 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं इंडिया गेट और कर्तव्य पथ क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 309 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बेहद खराब’ स्थिति को दर्शाता है। कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि पूरे शहर में वायु गुणवत्ता लगातार गिरावट की ओर बढ़ रही है और हालात व्यापक रूप से चिंताजनक बने हुए हैं।