दिल्ली में अब कार चलाते वक्त जरूरी नहीं 'मास्क',हटाईं गईं तमाम पाबंदियां, DDMA ने इसे लेकर जारी किया आदेश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 26, 2022, 08:53 PM IST

Mask in Car: दिल्ली में निजी चार पहिया वाहनों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए अब सोमवार (28 फरवरी) से फेस मास्क पहनना अनिवार्य नहीं है।

दिल्ली में अब कार चलाते वक्त जरूरी नहीं 'मास्क',हटाईं गईं तमाम पाबंदियां, DDMA ने इसे लेकर जारी किया आदेश

corona relaxation in delhi: दिल्ली में कोरोना केसों में कमी के बाद सरकार ने तमाम पाबंदियों में अब ढील दी है, बताया जा रहा है कि 28 फरवरी से अब निजी चार पहिया वाहनों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए मास्क पहनना जरूरी नहीं होगा, बताते हैं कि अब निजी कार में यात्रा कर रहे सभी लोगों को छूट दे दी गई है।

साथ ही दिल्ली में कोरोना संबंधित सभी पाबंदियां खत्म की गई हैं, वहीं दिल्ली में नाइट कर्फ्यू भी खत्म किया गया है। इस आदेश के मुताबिक सभी दुकानें, शोपिंग मॉल, रेस्टोरेंट, बार आदि अब बिना किसी पाबंदी के खुल सकेंगे और बंद हो सकेंगे वहीं अभी स्कूल संबंधी दिशा निर्देश या पाबंदियां फिलहाल लागू रहेंगी यानी स्कूल ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से चलेंगे।

अब जुर्माना 2000 की जगह 500 रुपए होगा

इसको लेकर DDMA ने आधिकारिक आदेश जारी किया है, जो  सोमवार यानी (28 फरवरी ) से लागू होगा,  वहीं DDMA के मुताबिक मास्क ना पहनने या सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन जैसे मामलों में अब जुर्माना 2000 की जगह 500 रुपए होगा जिसके लिए दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य विभाग अलग से आदेश जारी करेगा।

यानी इस आदेशानुसार अब निजी कार में यात्रा कर रहे लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य नहीं, गौर हो कि अभी तक केवल सिंगल ड्राइवर को कार चलाते वक्त मास्क पहनने से छूट थी।

1 अप्रैल से ऑनलाइन क्लास होंगी बंद

दिल्ली राज्य में कोरोना के नए मामलों में कमी दर्ज की जा रही है। इसी को देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजधानी में रात के कर्फ्यू और रेस्तरां और बार में 50 प्रतिशत क्षमता नियम सहित सभी कोविड संबंधी प्रतिबंधों को सोमवार से हटाने का फैसला किया है। डीडीएमए के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, शहर में 1 अप्रैल से सभी ऑनलाइन कक्षाएं बंद कर दी जाएंगी। स्कूलों को 1 अप्रैल से हाइब्रिड मोड को खत्म करना होगा।

हालांकि, ये सभी प्रतिबंध कोविड की पॉजिटिविटी रेट 1 प्रतिशत से नीचे रहने के अधीन हैं। सरकार परीक्षण और टीकाकरण पर कोविड के उचित व्यवहार और निगरानी पर नजर रखना जारी रखेगी।

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