दिल्ली में प्राइवेट अस्पतालों पर गृह मंत्रालय ने लगाई लगाम, रेट फिक्स होने से तीन गुना तक सस्ता हुआ ईलाज

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 19, 2020, 02:34 PM IST

दिल्ली में कोरोना का इलाज करा रहे लोगों के लिए गृह मंत्रालय ने बड़ी राहत दी है। मरीजों को अब पहले जितने पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। मंत्रालय ने इसमें काफी कटौती की है।

दिल्ली में प्राइवेट अस्पतालों पर गृह मंत्रालय ने लगाई लगाम, रेट फिक्स होने से तीन गुना तक सस्ता हुआ ईलाज

नई दिल्ली: दिल्ली में कोरोना संक्रमण का इलाज करा रहे लोगों के लिए गृह मंत्रालय की तरफ से राहत भरी खबर आई है। दरअसल पिछले काफी समय से सरकार को शिकायत मिल रही थी कि अस्पताल इलाज के नाम पर काफी मोटा पैसा वसूल रहे हैं जिसमें पीपीई किट के चार्जेज भी अलग से ले रहे थे। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने नीति आयोग के सदस्य के नेतृत्व में एक कमेटी गठित जिसे निजी अस्पतालों के आइसोलेशन बेड, वेटिंलेटर वाले बेड, आईसीयू आदि के इलाज की दर तय करनी थी।

ये हैं नई दरें
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक जो नई दरें तय की गई हैं उसके मुताबिक इलाज कई गुना सस्ता हो जाएगा।  3 गुना कम हो गया कमेटी ने पीपीई किट के साथ आइसोलेशन बेड के लिए 8,000-10,000, बिना वेंटिलेटर के साथ ICU बेड का चार्ज 13-15 हजार होगा। इसी तरह वेंटिलेटर के साथ ICU बेड का चार्ज 15-18 हजार होगा। गौर करने वाली बात ये है कि इसमें पीपीई किट का चार्ज अलग से नहीं देना पड़ेगा।

इस तरह लूट रहे थे निजी अस्पताल
कोरोना के इलाज के नाम पर निजी अस्पतालों ने काफी मनमानी कर रखी थी। इसके कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इससे पहले निजी अस्पतालों में आइसोलेशन बेड का चार्ज 24-25 हजार रुपये था। वहीं ICU बेड का चार्ज 34-43 हजार के बीच था जबकि ICU वेंटिलेटर के साथ 44-54 हजार रुपये था। सबसे बड़ी बात इसमें पीपीई किट का चार्ज अस्पताल अलग से जोड़ रहे थे।

लगातार बढ़ रहे हैं मरीज

आपको बता दें कि दिल्ली में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। गुरुवार को कोविड-19 के 2,877 मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 49,000 के पार पहुंच गई। गुरुवार को दिल्ली में 65 मरीजों की मौत हो गई जिसके बाद इस महामारी से मरने वालों की संख्या 1,969 हो गयी है। राज्य में अब तक 23,341 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और कोविड-19 के 26,669 मरीजों का इलाज चल रहा है।

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