क्राइम

भारत मंडपम के पास हुई सनसनीखेज लूट का खुलासा, 37 किलो चांदी, सोना और नकदी बरामद

चार दिन तक सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने आरोपियों का सुराग लगाया। 28 सितंबर को करोलबाग में पहला आरोपी विष्णु गिरफ्तार हुआ, जो चोरी का माल बेचने की कोशिश कर रहा था। उसी की निशानदेही पर खजूरी खास फ्लाईओवर के पास दूसरा और तीसरा आरोपी पर्दीप और काकू उर्फ जय मलिक कार में पकड़ा गया।

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भारत मंडपम के पास हुई सनसनीखेज लूट का खुलासा

Rs 1 Crore Robbery On Gunpoint: दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की स्पेशल स्टाफ टीम ने चार दिन तक चली कड़ी मेहनत के बाद भारत मंडपम के पास हुई बड़ी लूट का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने इस खतरनाक गिरोह के तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 37 किलो से ज्यादा चांदी, करीब 200 ग्राम सोना और 1.86 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक 24 सितंबर को ज्वेलरी कारोबारी के कर्मचारी से हथियार दिखाकर 40 किलो चांदी और 870 ग्राम सोना लूट लिया गया था। वारदात के बाद आरोपी दिल्ली-एनसीआर में लगातार ठिकाने बदलते रहे, लेकिन पुलिस की पैनी नजर और तकनीकी निगरानी से आखिरकार पकड़ लिए गए।

हाई-वोल्टेज ड्रामा और पुलिस की बहादुरी

चार दिन तक सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने आरोपियों का सुराग लगाया। 28 सितंबर को करोलबाग में पहला आरोपी विष्णु गिरफ्तार हुआ, जो चोरी का माल बेचने की कोशिश कर रहा था। उसी की निशानदेही पर खजूरी खास फ्लाईओवर के पास दूसरा और तीसरा आरोपी पर्दीप और काकू उर्फ जय मलिक कार में पकड़ा गया।

पकड़ने के दौरान बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी कुचलने की कोशिश की और इसी में एएसआई परमोद घायल हो गए, लेकिन पुलिसकर्मियों ने जान जोखिम में डालकर दोनों को धर दबोचा।

आरोपियों के ठिकानों से क्या बरामद हुआ?

-37.061 किलो चांदी

-200 ग्राम शुद्ध सोना (229 ग्राम, 22 कैरेट)

-₹1,86,000 नकद

-एक बलेनो कार, एक स्कूटी और वारदात में इस्तेमाल अपाचे बाइक

-वारदात के वक्त पहने कपड़े और जूते

आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

मुख्य आरोपी पर्दीप पर पहले से ही कई केस दर्ज हैं, जिनमें डकैती, हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट शामिल हैं। बाकी दोनों आरोपी भी पहले से अपराध की दुनिया से जुड़े रहे हैं। पुलिस अब इनके चौथे साथी पर्दीप उर्फ गोलू की तलाश कर रही है।

पूरी कार्रवाई एसीपी ऑपरेशन सुलेखा जगरवार (IPS) के नेतृत्व में और स्पेशल सीपी रविंदर यादव व जॉइंट सीपी मधुर वर्मा (IPS) की देखरेख में की गई। पुलिस टीम की चौकसी और बहादुरी से न सिर्फ करोड़ों का माल बरामद हुआ, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक खतरनाक लुटेरा गिरोह का भी सफाया हो गया।

Mohit Om
मोहित ओमauthor

जनमानस की खबर को पाठकों तक पहुंचाना ही एकमात्र लक्ष्य। एक दशक से ज्यादा पत्रकारिता का अनुभव। अपराध के पीछे की साजिश को बेपर्दा करने वाली हर खबर पर पैनी निगाह रखता हूँ।

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