पटना में दिल दहला देने वाली वारदात: वार्ड मेंबर के बेटे ने नाबालिग को जिंदा जलाया; 6 दिन तक मौत से लड़ी छात्रा लेकिन...
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Jan 24, 2026, 05:32 PM IST
पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र में पिछले सप्ताह पेट्रोल डालकर आग लगाए जाने से गंभीर रूप से झुलसी एक नाबालिग लड़की की शुक्रवार देर रात शहर के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद फरार आरोपी ने पटना की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है।
पटना में नाबालिग छात्रा को जिंदा जलाया।
पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसके बारे में जानकर आप का दिल दहल जाएगा। यहां एक दरिंदे ने 16 साल की एक नाबालिग छात्रा को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। छह दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शुक्रवार देर रात शहर के एक अस्पताल में नाबालिग की मौत हो गई है। पीड़िता 10 वीं की छात्रा थी और अपनी नानी के घर रहकर पढ़ाई करती थी। इस सनसनीखेज वारदात में वार्ड पार्षद के बेटे पर आरोप है। घटना के बाद फरार आरोपी ने अब अदालत में सरेंडर कर दिया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
17 जनवरी को दिया था नृशंस वारदात को अंजाम
यह खौफनाक घटना 17 जनवरी 2026 को पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र के बेरिया गांव में हुई। पीड़िता 16 साल की नाबालिग थी और 10वीं कक्षा की छात्रा थी। वह अपने नानी के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी और रोज की तरह ट्यूशन से लौट रही थी।तभी रास्ते में पहले से घात लगाए वार्ड पार्षद शंभू पासवान के बेटे आदित्य ने उसे को रोका। इसके बाद उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। और मौके से फरार हो गया। आग लगते ही लड़की दर्द से चीखने लगी। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई और गंभीर रूप से झुलसी हालत में उसे पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एनएमसीएच) में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, छात्रा का शरीर लगभग पूरी तरह झुलस चुका था। वह पिछले छह दिनों से अस्पताल में भर्ती थी, लेकिन 22 जनवरी की देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
एक दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर
पटना सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रंजन कुमार ने बताया कि पीड़िता की मां ने 18 जनवरी को गोपालपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि शिकायत में बताया गया कि एक दिन पहले उनके घर के पास उनकी बेटी को आग लगा दी गई थी। परिजन उसे इलाज के लिए एनएमसीएच ले गए थे और बाद में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए और जांच शुरू की।
100 मीटर तक भागी लेकिन
एसडीपीओ ने बताया कि गुरुवार देर रात एनएमसीएच में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत से पहले पुलिस ने उसका बयान दर्ज कर लिया था। पुलिस को दिए अपने बयान में छात्रा ने बताया था कि आरोपी ने पहले उसके ऊपर पेट्रोल छिड़का। फिर एक माचिस की तीली जलाकर डराने के लिए फेंकी और इसके बाद दूसरी जलती तीली सीधे उसके शरीर पर डाल दी। आग लगते ही वह चीखते हुए भागी, लेकिन करीब 100 मीटर की दूरी पर बेहोश होकर गिर पड़ी। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
रुंधे गले से पिता ने बताई यह बात
पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी रोज इसी रास्ते से पढ़ाई के लिए आती-जाती थी और आरोपी आदित्य उसे लगातार परेशान करता था। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी सिर्फ पढ़ना चाहती थी, लेकिन उसकी सादगी और चुप्पी को आरोपी ने उसकी कमजोरी समझ लिया।
आरोपी ने किया अदालत में सरेंडर
घटना के बाद से आरोपी आदित्य फरार चल रहा था। पुलिस के दबाव के बीच उसने पटना सिटी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।