Delhi News: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में अपनी लिव-इन पार्टनर और उसकी नौ साल की बेटी की हत्या के मामले में फरार नेपाली नागरिक को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि आरोपी की पहचान 38 वर्षीय दीपक बहादुर के रूप में हुई है, जो सात मार्च को दर्ज दोहरे हत्याकांड के मामले में वांछित था।
पुलिस के अनुसार, छह मार्च को रुद्रप्रयाग में एक किराए के कमरे से तेज बदबू आने की सूचना मिली थी। इलाके के एक व्यक्ति ने बताया कि उस कमरे में रहने वाली 34 वर्षीय महिला, उसकी बेटी और उनके साथ रहने वाला बहादुर कई दिनों से दिखाई नहीं दे रहे थे, जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने कमरा बंद पाया। जब दरवाजा खोलकर अंदर देखा गया तो महिला और बच्ची के शव सड़ी-गली अवस्था में मिले। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि दोनों की हत्या कई दिन पहले की गई थी।
उत्तराखंड पुलिस ने मांगी दिल्ली पुलिस से मदद
उत्तर-पश्चिम दिल्ली की पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बयान जारी कर बताया कि वारदात के बाद दीपक बहादुर घटनास्थल से गायब था, जिससे पुलिस को उसके अपराध में शामिल होने का शक हुआ। इसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान उत्तराखंड पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी दिल्ली में कहीं छिपा हो सकता है, जिसके बाद उसे पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस से सहयोग मांगा गया।
आखिर कैसे पकड़ा गया आरोपी?
जांच क्रम में पुलिस को पता चला कि बहादुर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास मौजूद है। स्टेशन पर भीड़ अधिक होने की वजह से शुरुआत में पुलिस को उसकी पहचान करने में परेशानी हुई। हालांकि, टीम ने लगातार तलाशी अभियान जारी रखा और अंततः उसे उस समय पकड़ लिया गया जब वह मुंबई जाने वाली ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा था।
क्यों दिया घटना को अंजाम?
पूछताछ में दीपक बहादुर ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात महिला से सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वह महिला तथा उसकी बेटी के साथ रहने लगा। बाद में उसे पता चला कि महिला का किसी अन्य व्यक्ति से भी संबंध है, जिसके चलते दोनों के बीच अक्सर विवाद होने लगे। पुलिस अधिकारी के अनुसार, इसी तरह के एक झगड़े के दौरान गुस्से में आकर उसने महिला और उसकी नौ वर्षीय बेटी की हत्या कर दी और वहां से फरार हो गया। आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए उत्तराखंड पुलिस की टीम के हवाले कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
(इनपुट - भाषा)
