5 लाख की डील, लेकिन यहीं फंस गए सब-इंस्पेक्टर साहब…वकील से रंगे हाथ रिश्वत लेते धरे गए
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Feb 1, 2026, 12:00 AM IST
कर्नाटक में लोकायुक्त ने तुमकुरु ग्रामीण थाने के सब-इंस्पेक्टर चेतन कुमार को जब्त वाहन छोड़ने के बदले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी ने बेंगलुरु के एक वकील से 5 लाख रुपये की डील की थी और होटल में 40 हजार रुपये लेते समय फंस गया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है।
घूसखोरी करते पकड़ा गया सब इंस्पेक्टर (फोटो-Istock)
कर्नाटक में पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत लेने के मामलों में तेजी देखी जा रही है। अब एक और पुलिसकर्मी को रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथों पकड़ा गया है। लोकायुक्त ने शनिवार को बताया कि तुमकुरु ग्रामीण पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस सब-इंस्पेक्टर चेतन कुमार को लोकायुक्त अधिकारियों ने एक मामले में जब्त वाहन को छुड़ाने के बदले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
ऐसे पकड़ा गया रिश्तखोर एसआई
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, तुमकुरु ग्रामीण थाने में तैनात पुलिस सब-इंस्पेक्टर चेतन कुमार ने एक जब्त वाहन को छोड़ने के बदले बेंगलुरु के एक वकील से 5 लाख रुपये की रिश्वत की डील की थी। आरोपी अधिकारी ने यह रकम एक बिचौलिए के जरिए लेने की योजना बनाई,लेकिन यहीं उससे बड़ी चूक हो गई। शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे, लोकायुक्त की टीम ने क्याथसंद्रा के पास नमस्ते तुमकुरु होटल में छापा मारकर चेतन कुमार को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यह रकम तय की गई रिश्वत का हिस्सा थी।
गिरफ्तारी के बाद लोकायुक्त पुलिस ने सब-इंस्पेक्टर से पूछताछ की और बाद में उसे अदालत में पेश किया। आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस पूरे मामले की शिकायत बेंगलुरु के नागदेवनहल्ली निवासी नागेश एस.के. ने लोकायुक्त से की थी।
लोकायुक्त ने बताया कि आरोपी अधिकारी ने रिश्वत की रकम एक बिचौलिए के माध्यम से हासिल करने की कोशिश की थी। फिलहाल सब-इंस्पेक्टर को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की आगे जांच जारी है।
कल एक और इंस्पेक्टर को पकड़ा था
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ही बेंगलुरु के केपी अग्रहारा पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर गोविन्दराजु को भी लोकायुक्त ने 4 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने एक चिट फंड धोखाधड़ी मामले से एक व्यक्ति का नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगी थी।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक शिवप्रकाश देवराज के अनुसार, गोविन्दराजु ने इससे पहले 24 जनवरी को इसी मामले में 5 लाख रुपये की मांग में से 1 लाख रुपये भी स्वीकार किए थे। आरोपी इंस्पेक्टर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान इंस्पेक्टर गोविन्दराजु ने हंगामा भी किया था। रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद उनके हंगामा करने का एक वीडियो भी सामने आया है।