कहते हैं कि पिता के नक्शेकदम पर बेटा चलता है, लेकिन दिल्ली के सबसे बड़े गैंगेस्टर नीरज बवाना के साथ उल्टा हुआ है। बेटा जब गैंगेस्टर बना तो पिता भी हथियार रखने लगे। इससे पहले नीरज बवाना के पिता एक व्यापारी थे। नीरज बवाना के पिता को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना के पिता को गुरुवार रात आउटर-नॉर्थ जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अवैध हथियार रखने के जुर्म में नीरज के पिता को गिरफ्तार किया है। बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस ने कहा कि उसने आरोपी के घर पर छापा मारा था। जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
कहानी नीरज बवाना की
नीरज बवाना का कभी भी मन पढ़ाई में नहीं लगा। वो बचपन से ही शातिर दिमाग का था। नीरज ने 17 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़ दी और झगड़ों में शामिल होने लगे। बवाना के पिता भी कभी अपने बेटे को पढ़ने के लिए नहीं कहे, क्योंकि वो चाहते थे कि वो उनके बिजनस को संभाल ले, लेकिन नीरज बवाना स्कूल छोड़ने के बाद अपराध की दुनिया में शामिल हो गया। नीरज ने अलग-अलग स्तरों पर अपराध करना शुरू कर दिया जैसे लूटपाट, धमकी देना आदि। अपराध की दुनिया में नीरज बवाना ने अकूत संपत्ति कमाई है।
इसके बाद उसका जेल आना जाना लगा रहा। 2004 में हरियाणा में लूटपाट के मामले में गिरफ्तार हुआ, तीन महीने जेल में रहा फिर बाहर आया।वारदात को अंजाम दिया और फिर गिरफ्तार हुआ। फिलहाल नीरज बवाना तिहाड़ जेल में ही बंद है। कांग्रेस नेता और पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद नीरज बवाना ने यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि वो इस हत्या का बदला लेगा।
