'वे आए और आग लगाकर चले गए', आग से झुलसकर शख्‍स की मौत, किसान आंदोलन पर उठी उंगली

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 18, 2021, 08:41 AM IST

हरियाणा के बहादुरगढ़ में आग से झुलसकर एक शख्‍स की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि वारदात को अंजाम देने वाले किसान आंदोलन से जुड़े लोग हैं। हालांकि किसान मोर्चा ने इसे खुदकुशी का केस बताया है।

'वे आए और आग लगाकर चले गए', आग से झुलसकर शख्‍स की मौत, किसान आंदोलन पर उठी उंगली
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बहादुरगढ़ : राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली से सटे हरियाणा के बहादुरगढ़ से सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक शख्‍स की आग में झुलसने से मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है कि चार लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। उन्‍होंने कुछ ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा दी, जिससे शख्‍स की जान चली गई। उनका यह भी कहना है कि आरोपी दिल्ली के पास टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का हिस्सा हैं। हालांकि किसान संयुक्त मोर्चा ने इसे आत्‍महत्‍या का मामला बताया है।

मृतक की पहचान झज्जर जिले में बहादुरगढ़ के कसरा गांव निवासी मुकेश (42) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मृतक के भाई की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल चार लोगों ने बुधवार शाम मुकेश को ज्‍वलनशील पदार्थ छिड़कर आग लगा दी। उसे अस्‍पताल ले जाया गया, लेकिन बुरी तरह झुलसे मुकेश की गुरुवार तड़के मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि घटना के वक्त चारों आरोपी नशे की हालत में थे।

पुलिस ने वारदात के चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच कर रही है। आरोपियों में से एक की पहचान जींद जिला निवासी के रूप में हुई है।

किसान मोर्चा की सफाई

वहीं, घटना में किसान आंदोलन से जुड़े लोगों का हाथ होने पर सफाई देते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि यह किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है। हरियाणा सरकार पर किसान आंदोलन को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए मोर्चा ने मुकेश की मौत को आत्‍महत्‍या का मामला बताया। किसान संयुक्‍त मोर्चा मोर्चा के नेताओं बलबीर सिंह राजेवाल और दर्शन पाल सहित अन्य नेताओं ने एक बयान में दावा किया कि मुकेश ने ही खुद पर पेट्रोल डाला और आग लगा ली।

उन्‍होंने यह भी कहा कि किसान मोर्चा के स्वयंसेवकों ने जैसे ही यह देखा, वे आग बुझाने और उसकी जान बचाने भागे। उन्हें यह भी पता चला कि शख्‍स ने परिवार में हुए झगड़े के कारण यह गंभीर कदम उठाया। उन्‍होंने बताया कि पेट्रोल पंप के एक कर्मचारी ने मुकेश की पहचान की और उसके परिवार को सूचित किया, जिसके बाद वे उसे अस्पताल ले गए। मोर्चा ने हरियाणा सरकार से घटना की स्‍वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराने का भी अनुरोध किया।

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