क्राइम

दूसरी पत्नी की हत्या कर बेंगलुरु से भागा बिहार, और फिर कर ली तीसरी शादी; अब हुआ गिरफ्तार

Bihar: बिहार के मुजफ्फरपुर से पुलिस ने एक खूंखार अपराधी दबोचा है, जिसने बेंगलुरु में दूसरी पत्नी की हत्या कर दी और इसके बाद वो कर्नाटक से बिहार भाग गया था। यही नहीं उसने कुछ ही दिन में तीसरी शादी भी कर ली। पहली बीवी से उसके चार बच्चे हैं और दूसरी पत्नी से दो बच्चे हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

Photo : PTI

Crime News: बेंगलुरु के बाहरी इलाके में एक नाले में एक महिला का सड़ा-गला शव मिलने के कुछ दिनों बाद पुलिस ने उसकी हत्या के आरोप में उसके पति को बिहार से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पेशे से पेंटर का काम करने वाले आरोपी मोहम्मद नसीम(39) को मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया गया है।

गला घोंटकर हत्या पत्नी की कर दी हत्या

पुलिस ने बताया कि यह घटना 11 नवंबर को सरजापुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई। पुलिस के अनुसार, नसीम और उसकी दूसरी पत्नी रुमेश खातून (22) अक्सर छोटी-छोटी बातों पर एक-दूसरे से झगड़ते रहते थे तथा उनके बीच तनावपूर्ण संबंध थे। उसे अपनी पत्नी पर शक था और कुछ निजी मुद्दों के कारण उसने अपनी पत्नी से छुटकारा पाने का फैसला किया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रुमेश की गला घोंटकर हत्या करने के बाद नसीम ने उसके हाथ-पैर तार से बांध दिए और शव को नाले में फेंक दिया।

बिहार के मुजफ्फरपुर भाग गया अपराधी

अधिकारी ने बताया कि पत्नी की हत्या करने के बाद वह अपने छह बच्चों के साथ अपने मूल स्थान बिहार के मुजफ्फरपुर भाग गया। पुलिस के अनुसार, यह घटना एक सप्ताह बाद उस समय प्रकाश में आई जब स्थानीय लोगों ने इलाके में नाले से दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचित किया। बाद में महिला का सड़ा-गला शव बरामद किया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।

पकड़े जाने से पहले कर ली तीसरी शादी

अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान शव की पहचान होने के बाद सामने आया कि मृतक महिला का पति लापता है और वह अपने छह बच्चों के साथ भाग गया है। नसीम की पहली शादी से उसके चार बच्चे और खातून के साथ उसकी दूसरी शादी से दो बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि तकनीकी साक्ष्य और मोबाइल फोन ‘लोकेशन’ का उपयोग करते हुए जांचकर्ताओं ने आरोपी को मुजफ्फरपुर में पाया। वहां पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद और पुलिस द्वारा पकड़े जाने से पहले आरोपी ने तीसरी शादी कर ली।

उन्होंने बताया, ‘‘आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और हत्या के सिलसिले में उसे पिछले सप्ताह मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया गया।’’

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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