हरियाणा के झज्जर में एक अनोखा मामला सामने आया है यहां झज्जर जिला कारागार में बंद एक कैदी के पेट से नशीला पदार्थ बरामद किया गया है। इस कैदी ने जेल के अंदर मादक पदार्थों की तस्करी का एक नया तरीका निकाला था इस कैदी ने सुल्फा की 6 गोलियां जिनका वजन 13 ग्राम से ज्यादा है इनको पॉलिथीन में पैक करके निगल लिया था लेकिन जेल प्रशासन को इसकी भनक लग गई इसके बाद मेडिकल एक्सपर्ट की मौजूदगी में उसके पेट से नशीला पदार्थ बाहर निकलवाया गया।
दरअसल 30 वर्षीय जितेंद्र को चैन स्नेचिंग के एक मामले में 25 फरवरी को जेल भेजा गया था जेल प्रशासन को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली कि वह नशीला पदार्थ निगलकर जेल के अंदर आया है इसके बाद जितेंद्र से पूछताछ शुरू की गई शुरुआत में उसने इन्कार किया, लेकिन जब उसे उसके साथ आए एक दूसरे कैदी के सामने बैठाकर सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने सच उगल दिया।
उसने बताया कि उसने सुल्फा की गोलियां निगली हुई हैं
उसने बताया कि उसने सुल्फा की गोलियां निगली हुई हैं, जो उसके पेट में फंसी हैं। इसके बाद जेल प्रशासन ने जेल प्रशासन ने मेडिकल एक्सपर्ट की मदद से जितेंद्र के पेट से मादक पदार्थ निकाला। जितेंद्र के शरीर से पारदर्शी पॉलीथिन में लिपटी हुई सुल्फा की 6 गोलियां बाहर निकालीं गईं। इन गोलियों का कुल वजन 13.16 ग्राम था। इसके बाद जितेंद्र को सिविल अस्पताल ले जाकर एक्स-रे करवाया गया ताकि यह पता लगाया जा सके की पेट के अंदर अभी नशीले पदार्थों की कुछ और मात्र तो मौजूद नहीं है।
जितेन्द्र ने पूछताछ में बताया कि 19 फरवरी से 24 फरवरी के बीच जब वो पुलिस रिमांड के दौरान MI चौकी बहादुरगढ़ में था, वहाँ उससे अजय जून नाम का एक शख्स मिलने आया था। अजय जून भी जिला जेल झज्जर में हत्या के प्रयास और डकैती के मुकदमों में बन्द रहा है।
अजय जून हार्डकोर अपराधों की श्रेणी में आता हैं
अजय जून हार्डकोर अपराधों की श्रेणी में आता हैं। उसने यह सुल्फा जेल में बंद एक दूसरे कैदी अजीत उर्फ मोटा को देने के लिए कहा था। कैदी अजीत उर्फ मोटा के खिलाफ हत्या और डकैती के कुल 16 मुकदमे दर्ज हैं और अजित भी हार्डकोर श्रेणी का अपराधी है। इसके बाद जेल प्रशासन की शिकायत पर जितेन्द्र, नशीला पदार्थ पहुंचाने वाले अजय जून और कैदी अजीत के खिलाफ थाना सदर झज्जर में मामला दर्ज किया गया है।
