क्राइम

'जितनी लड़कियां हैं सबको मां-बहन मानेंगे', नौचंदी मेले में महिला पुलिसकर्मियों पर अभद्र कमेंट के बाद घुटनों पर आए आरोपी; देखें वीडियो

उत्तर प्रदेश के मेरठ में आयोजित नौचंदी मेले में महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने वाले युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की सख्ती के बाद आरोपी युवक सार्वजनिक रूप से माफी मांगते नजर आए।

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नौचंदी मेले के आरोपी गिरफ्तार

मेरठ : नौचंदी मेले के दौरान महिलाओं और महिला पुलिसकर्मियों पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले युवकों का वीडियो कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने पर पुलिस हरकत में आई और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की सख्ती के बाद आरोपी युवक सार्वजनिक रूप से माफी मांगते नजर आए। घटना का वीडियो तीन दिन पहले का बताया जा रहा है, जिसमें एक युवक मेले में मोबाइल से वीडियो बनाते हुए महिलाओं और महिला पुलिसकर्मियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करता हुआ साफ सुना जा सकता है। आरोपी के साथ उसके कुछ साथी भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद लोगों ने नाराजगी जताई और कार्रवाई की मांग की।

वीडियो की जांच के बाद पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान अमन पुत्र अकबर और समीर पुत्र निशार अहमद के रूप में हुई है, दोनों जाकिर कॉलोनी थाना लोहियानगर क्षेत्र के रहने वाले हैं।

भविष्य में महिलाओं का सम्मान करेंगे-आरोपी

पुलिस हिरासत में दोनों युवकों ने हाथ जोड़कर, कान पकड़कर माफी मांगी और कहा कि वे भविष्य में महिलाओं का सम्मान करेंगे। वीडियो में दोनों कहते सुने गए—"गलती हो गई, आगे से नहीं होगी… जितनी लड़कियां हैं, सबको मां-बहन मानेंगे। इस वीडियो के सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने भी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल जांच कर गिरफ्तारी की। मामले की जांच अभी जारी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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