IPL 2022 में इस देश के खिलाड़ी नहीं ले पाएंगे हिस्सा, लगेगी रोकः रिपोर्ट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 13, 2022, 09:16 AM IST

England players in IPL 2022: इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड अपने खिलाड़ियों के इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में हिस्सा लेने पर रोक लगाने की योजना बना रहा है।

IPL 2022 में इस देश के खिलाड़ी नहीं ले पाएंगे हिस्सा, लगेगी रोकः रिपोर्ट

इंग्लैंड के कई धाकड़ क्रिकेटर्स ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज में अपनी छाप नहीं छोड़ पाए, जिसके चलते टीम को निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा। पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में अब तक चार मुकाबले हुए हैं, जिसमें इंग्लैंड 0-3 से पीछ है। इंग्लैंड ने लगातार तीन हार के बाद चौथा टेस्ट ड्रॉ  कराया। इंग्लिश क्रिकेटर्स के खराब प्रदर्शन के कारण उनके इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2022 में हिस्सा लेने पर तलवार लटकी है। 

कहा जा रहा है कि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) अपने खिलाड़ियों के आगामी आईपीएल सीजन में खेलने पर रोक लगाने की योजना बना रहा है। बता दें कि इंग्लैंड के कई पूर्व खिलाड़ी एशेज में बुरी तरह शिकस्त के लिए आईपीएल को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। पूर्व खिलाड़ियों का कहना है कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने के बजाए इंग्लिश क्रिकेटर्स दो महीने तक आईपीएल को तरजीह दे रहे हैं। ऐसे में ईसीबी जल्द ही इस बात विश्लेषण करने जा रहा है कि आखिरी गड़बड़ कहां है?

द मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, 'ईसीबी क्रिकेट निदेशक एशले जाइल्स सुझावों की एक रिपोर्ट तैयार करेंगे कि टेस्ट में टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए क्या किया जा सकता है और इसी में में आईपीएल में खिलाड़ियों के हिस्सा लेने पर चर्चा होगी।' मालूम हो कि जोस बटलर और मोइन अली को आईपीएल 2022 के लिए नीलामी से पहले ही उनकी फ्रेंचाइजी ने रिटेन कर लिया है। बटलर राजस्थान रॉयल्स और मोईन चेन्नई सुपर किंग्स में हैं। इनके अलावा नीलामी में अन्य फ्रेंचाइजियों की निगाह इंग्लैंड के अनेक खिलाड़ियों पर होगी।

गौरतलब है कि इंग्लैंड के एशेज सीरीज गंवाने के बाद पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन ने टीम की करारी हार का ठीकरा आईपीएल पर फोड़ा था। आथर्टन ने ‘द टाइम्स’ में अपने कॉलम में लिखा था, 'खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर नहीं रहना चाहिए, ना ही कहीं और खेलने के लिए आराम दिया जाना चाहिए और ना ही रोटेट किया जाना चाहिए।'  आथर्टन ने कहा, 'कई प्रारूप में खेलने वाले प्रमुख खिलाड़ियों को सात अंक में धनराशि दी जाती है लेकिन अजीब है कि साल के दो महीने आईपीएल के दौरान ईसीबी उनसे हाथ धो बैठता है।'

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