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नितिन गडकरी की मौजूदगी में Zojila Tunnel का ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू, बताया कश्मीर-लद्दाख की 'जीवनरेखा'

जोजिला टनल परियोजना ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आज इस टनल के ब्रेकथ्रू इवेंट में हिस्सा लिया। यह सुरंग कश्मीर-लद्दाख के बीच ऑल वेदर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।

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जोजिला टनल के ब्रेकथ्रू में पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

Photo : ANI

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में देश की एक बहुत ही महत्वाकांक्षी जोजिला टनल (Zojila Tunnel) परियोजना ने आज यानी सोमवार 9 जून को एक अहम पड़ाव हासिल कर लिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने दुनिया की सबसे लंबी दोनों तरफ जाने वाली सिंगल-ट्यूब रोड टनल के ब्रेकथ्रू समारोह में भाग लिया और अंतिम चट्टानी दीवार के प्रतीकात्मक रूप से खोदने का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मौजूद थे।

टनल के ब्रेकथ्रू कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने कहा कि यह लद्दाख, कारगिल और कश्मीर की जनता के लिए जीवन रेखा है। उन्होंने बताया कि माइनस 4 डिग्री से भी कम तापमान में इस टनल का काम किया गया। उन्होंने जानकारी दी कि टनल को बनाने वाले 80 फीसद लोग इसी क्षेत्र के हैं।

बता दें कि करीब 13.15 किलोमीटर लंबी जोजिला टनल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच ऑल वेदर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के मकसद से बनाई जा रही है। समुद्र तल से लगभग 11,578 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह परियोजना दुनिया की सबसे ऊंचाई पर बनने वाली टनल है। इस टनल को भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण हिमालयी क्षेत्रों में से एक में बनाया जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत लगभग 6500 करोड़ रुपये है।

सामरिक दृष्टि से अहम है ये परियोजा

टनल ब्रेकथ्रू के लिए आयोजित समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री गडकरी को परियोजना की तकनीकी प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सुरंग न सिर्फ सामरिक दृष्टि से बेहद अहम है, बल्कि पर्यटन और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी।

परियोजना का 50 फीसद काम पूरा हुआ

जियोटेक्निकल एक्सपर्ट जनक सिंह राठौड़ ने जोजिला टनल के ब्रेकथ्रू को पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि इतनी अधिक ऊंचाई पर इस स्तर की सुरंग का निर्माण एक बड़ी इंजीनियरिंग सफलता है। उन्होंने बताया कि परियोजना का लगभग 50 फीसद काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी बचा काम भी तेजी से जारी है। परियोजना को साल 2028 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

काम पूरा होने में ढाई साल का समय और लगेगा

परियोजना से जुड़े अथॉरिटी इंजीनियर यूसुफ ने बताया कि सुरंग को आम यातायात के लिए पूरी तरह खोलने में अभी लगभग ढाई साल का समय लग सकता है। हालांकि, किसी आपात स्थिति, विशेषतौर पर सैन्य जरूरतों के लिए, इसे सीमित रूप से पहले भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

लद्दाख से सांसद हनीफा जान ने इस परियोजना को क्षेत्र के लोगों का दशकों पुराना सपना करार दिया। उन्होंने कहा कि जोजिला टनल के पूरा होने से लद्दाख और कारगिल को सालभर रोड कनेक्टिविटी मिलेगा, जिससे छात्रों, मरीजों और बुजुर्गों को विशेषतौर पर लाभ होगा। साथ ही पर्यटन और व्यापार गतिविधियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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