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5 नवंबर को गाजियाबाद में योगी का शक्ति प्रदर्शन, पदयात्रा में शामिल होंगे 50 हजार लोग

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 5 नवंबर को 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के साथ पदयात्रा निकलेगी, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ शामिल होंगे।

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सीएम योगी आदित्यनाथ (फोटो-MYogiAdityanath)

गाजियाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रस्तावित पदयात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 5 नवंबर को राजनगर एक्सटेंशन में बीजेपी की ओर से 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के साथ पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई मंत्री, विधायक, नेता और पार्टी संगठन के पदाधिकारी शामिल होंगे। बीजेपी ने इस कार्यक्रम में करीब 50 हजार लोगों के जुटने का दावा किया है।

पदयात्रा के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिस रास्ते से मुख्यमंत्री की पदयात्रा गुजरेगी, उस रूट का पुलिस कमिश्नर ने निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों को कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

नवाब सिंह नागर संभाल रहे तैयारियों की कमान

बीजेपी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर भी तैयारियों का जायजा लेने गाजियाबाद पहुंचे। वह पार्टी पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं और कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी मंडलों में इसी तरह की पदयात्राएं आयोजित की जा रही हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस आयोजन को बीजेपी के बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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