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Chamoli: बद्रीनाथ धाम में अलकनंदा फिर उफान पर, तेजी से बढ़ रहा नदी का पानी

बद्रीनाथ धाम में एक बार फिर अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। इससे ब्रह्म कपाल क्षेत्र पर खतरा मंडरा रहा है। सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने की कगार पर है, जिससे पितृ पक्ष में श्रद्धालुओं को कठिनाई हो सकती है। प्रशासन ने तीर्थ यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है।

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नदी का बढ़ा जलस्तर

Photo : Times Now Digital

Alaknanda Water Level: बद्रीनाथ धाम में एक बार फिर अलकनंदा नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। नारायण हरि के चरणों से होकर बहने वाली इस पवित्र नदी का जलस्तर बीते 24 घंटों में तेजी से बढ़ा है, जिससे धाम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। पानी का स्तर घाटों को छूने लगा है और बहाव इतना तेज है कि कुछ जगहों पर नदी की धारा सामान्य किनारों को पार कर चुकी है।

ब्रह्म कपाल में बढ़ा खतरा

स्थानीय प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों के अनुसार, जलस्तर में इस अचानक बढ़ोतरी का सबसे बड़ा खतरा ब्रह्म कपाल क्षेत्र पर मंडरा रहा है। यह वही पवित्र स्थल है जहां श्रद्धालु पितरों की मुक्ति के लिए पूजा-अर्चना करते हैं। अलकनंदा के तेज बहाव के चलते ब्रह्म कपाल में बनी सुरक्षा दीवार अब क्षतिग्रस्त होने की कगार पर पहुंच गई है।

पितृ पक्ष में बढ़ सकती है मुश्किलें

धाम में रह रहे स्थानीय लोगों और पुरोहितों का कहना है कि यदि जलस्तर यूं ही बढ़ता रहा और सुरक्षा दीवार टूट जाती है, तो आगामी पितृ पक्ष में यहां पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ब्रह्म कपाल वह प्रमुख स्थल है जहां देशभर से श्रद्धालु अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पूजा करने आते हैं।

श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड में है और लगातार नजर बनाए हुए है। तीर्थ यात्रियों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे न जाएं और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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