Viksit Bharat Samriddh UP Conclave: उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने आज टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत के विकसित भारत समृद्ध यूपी कॉन्क्लेव में अपने विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का विस्तृत खाका पेश किया। इस दौरान उन्होंने कई अन्य मुद्दों पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने सड़क सुरक्षा,बस बेड़े के विस्तार,इलेक्ट्रिक वाहनों और आरटीओ सुधारों पर विस्तार से बात की।
8 हजार से बढ़कर 14 हजार हुई बसें
दयाशंकर सिंह ने बताया कि जब उन्होंने कार्यभार संभाला था, तब Uttar Pradesh State Road Transport Corporation (UPSRTC) के पास लगभग 8 हजार बसें थीं, जो अब बढ़कर 14 हजार हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पहले जिन बसों को ‘खटारा’ कहा जाता था,आज प्रदेश का बस बेड़ा देश में सबसे नया औसत बेड़ा बन चुका है।
43 जिलों में इलेक्ट्रिक बसें, जल्द 75 तक विस्तार
उन्होंने कहा कि पहले केवल 15 महानगरों तक सीमित इलेक्ट्रिक बसें अब 43 जिलों में चल रही हैं और अगले चरण में सभी 75 जिलों में संचालित होंगी। इसके लिए पेट्रोल पंपों, कम्युनिटी सेंटरों और बड़ी कॉलोनियों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।
महिलाओं की सुरक्षा और जीपीएस निगरानी
सभी बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन की सुविधा दी गई है, जो 1090 हेल्पलाइन से जुड़ा है। आपात स्थिति में कुछ ही मिनटों में सहायता पहुंचाने का दावा किया गया।
23 बस अड्डे एयरपोर्ट की तर्ज पर
राज्य के 23 बस अड्डों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है। लखनऊ के गोमतीनगर, चारबाग और अमौसी सहित कई स्थानों पर आधुनिक बस टर्मिनल बनाए जा रहे हैं। यहां मॉल,लाउंज,महिलाओं के लिए अलग बैठने की व्यवस्था और आधुनिक शौचालय होंगे।
सड़क दुर्घटनाओं पर सख्त रुख
प्रदेश में सड़क हादसों के आंकड़ों पर मंत्री ने कहा कि जनसंख्या और वाहन संख्या के अनुपात में उत्तर प्रदेश दुर्घटनाओं में 18वें स्थान पर है, लेकिन दुर्घटनाएं कम करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हर तीन महीने पर समीक्षा बैठक होती है। प्रत्येक जिले में सड़क सुरक्षा के लिए समर्पित एआरटीओ नियुक्त किए जा रहे हैं।
16 वर्ष में लाइसेंस देने का प्रस्ताव
परिवहन मंत्री ने बताया कि 16 वर्ष के युवाओं को प्रशिक्षण देकर दोपहिया लाइसेंस देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। उनका तर्क है कि नाबालिग बिना लाइसेंस वाहन चला रहे हैं, इसलिए उन्हें प्रशिक्षित करना बेहतर होगा। नाबालिग ड्राइविंग पर 25,000 रुपये तक का चालान और हेलमेट अनिवार्यता जैसे सख्त कदम उठाए गए हैं।
7 लाख तक के वाहनों पर वन-टाइम टैक्स
उन्होंने यह भी बताया कि सात लाख रुपये तक की कीमत वाले दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर वन-टाइम टैक्स लागू किया गया है, जिससे कर वसूली सरल हो सके।
आरटीओ में पारदर्शिता
आरटीओ विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर मंत्री ने कहा कि 49 सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से जोड़ा गया है। लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है और विभागीय दफ्तर से अब लर्निंग लाइसेंस जारी नहीं होता। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग को आधुनिक,सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है,ताकि सड़क हादसों में कमी आए और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
