वाराणसी

Varanasi Model Villages: गंगा के तटवर्ती 33 गांव बनेंगे मॉडल, पर्यटक स्थल के रूप में होंगे विकसित

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 15, 2023, 05:37 PM IST

Varanasi Model Villages Development: वाराणसी मुख्य शहर के साथ गांवों को भी विकसित करने की योजना है। इस पर काम भी शुरू हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए गंगा नदी किनारे बसे करीब तीन दर्जन गांवों को मॉडल गांव बनाया जाएगा। इन पर विशेष रूप से विभाग काम करेगा और यहां इन्हें तमाम सुविधाओं से लैस करेगा। इसके लिए करोड़ों रुपए खर्च करने की योजना है।

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वाराणसी का तटवर्ती गांव बनेंगे मॉडल गांव

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • 33 गांवों को मॉडल बनाने के लिए 4.98 करोड़ रुपए जारी
  • गंगा एक्शन प्लान के तहत जारी हुई राशि
  • गांवों के धरोहरों को भी किया जाएगा संरक्षित

Varanasi News: वाराणसी में गंगा नदी किनारे बसे 33 गांवों को संपूर्ण स्वच्छता की दिशा में काम कराने के लिए मंजूरी मिली है। शासन ने ओडीएफ प्लस को लेकर यह निर्णय लिया है। गंगा एक्शन प्लान अंतर्गत फंड भी जारी कर दिया गया है। इन गांवों को मॉडल गवों बनाने के लिए 4 करोड़ 98 लाख रुपए मंजूर हुए हैं। बता दें हाल में जिलाधिकारी द्वारा यह प्रस्ताव बनाकर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के निदेशक को दिया गया था। गंगा एक्शन प्लान में इन गांवों के शामिल होने से इनका कायाकल्प हो जाएगा।

दरअसल, पर्यटन के दृष्टिकोण से इन गांवों को संवारने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सबसे पहले चयनित गांवों में ठोस एवं तरह कूड़ा निस्तारण के लिए सेंटर बनाया जाएगा। फिर घर-घर कूड़ा उठाव की व्यवस्था की जाएगी। ई-रिक्शा खरीदे जाएंगे। पक्की नालियां, चेंबर आदि बनाए जाएंगे। गांव के धरोहरों को संरक्षित किया जाएगा। इतना ही नहीं यहां की परंपरागत लोक गीत, खानपान आदि को संरक्षित किया जाएगा।

आबादी के अनुसार दिया गया फंड

योजना पूरी करने के लिए गंगा किनारे की पंचायतों को राशि आवंटित कर दी गई है। आबादी के मुताबिक राशि दी गई है। जिस पंचायत की अधिक आबादी है, उसे अधिक राशि मिली है। केंद्रीय वित्त से 30 प्रतिशत अंशदान एवं स्वच्छ भाारत मिशन के तत ठोस-तरह कूड़ा प्रबंधक यानी एसएलडब्ल्यूएस से पहले जारी हुई राशि भी गांवों पर खर्च किए जाएंगे।

इन गांवों का होगा कायाकल्प

चिरईगांव ब्लॉक के 21 गांवों को चयनित किया गया है। इनमें शिवदसा, लूठाकला, रमचंदीपुर, मोकलपुर, धराधर, गोबरहा, बभनपुरा, कुकुढ़ा, परनापुर, मुरीदपुर, छितौनी, तातेपुर, सिरिस्ती, छितौनी, बर्थराकला, अंबा, मिश्रपुरा, अमौली, सिंहवार, सरसौल, चांदपुर शामिल हैं। वहीं, चोलापुर ब्लॉक के रामपुर गांव, ढांका, गौराउपरवार, चंद्रावती, मोलनापुर शामिल हैं। काशी विद्यापीठ ब्लॉक के नैपुराकला गांव, सराय डंगरी, तारापुर, बेटावर, माधोपुर, छितौनी कोट, मूडादेव शामिल हैं।

पर्यटन के रूप में विकसित होने पर बढ़ेगा रोजगार

इन गांवों के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने के बाद यहां के लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। ग्रामीण अपने स्थानीय उत्पादों को अच्छी कीमत पर बेच सकेंगे। इतना ही नहीं यहां से इनके उत्पादों की बाहर बिक्री होने से उसकी मांग बढ़ेगी। निकटत भविष्य में इनको और बड़ा बाजार मिलेगा।

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