वाराणसी

Varanasi News : रूस-यूक्रेन युद्ध से दु:खी मनोविज्ञानी ने काशी आकर अपनाया हिंदू धर्म, बेहद दिलचस्‍प है पूरी कहानी

Varanasi News : हिंदू धर्म अपना चुके अनंतानंद बताते हैं कि वे रूस में साइकोलॉजिस्ट यानी मनोविज्ञानी हैं। वहीं, पर उनको काशी के पंडित वागीश शास्‍त्री के बारे में पता चला था और उन्‍हें मंत्रों के बारे में जानने की इच्‍छा हुई।

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रूस के मनोवैज्ञानिक ने अपनाया हिंदू धर्म। (प्रतीकात्‍मक फोटो)

Photo : BCCL

Varanasi News : रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध और वहां के हालात से दुनिया के सभी मुल्‍क वाकिफ हैं। इसी से परेशान होकर रूस के रहने वाले एंटोन एंड्रीव तंत्र ने भारत आकर हिंदू धर्म अपना लिया। वाराणसी के शिवाला स्थित एक पीठ में गुरुवार को अनुष्‍ठान का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यहां पर एंटोन ने तंत्र दीक्षा ली और अनंतानंद नाथ बन गए। उन्‍हें वाराणसी में गुरु मंत्र और कश्‍यप गोत्र मिला। बताते हैं कि वाराणसी के आशापति शास्‍त्री के साथ ही पंडित सत्‍यम शास्‍त्री और विनीत शास्‍त्री ने तंत्र दीक्षा दिलाई। एंटोन से अनंतानंद बने युवक ने बताया है कि उन्‍होंने हिंदू धर्म परमात्‍मा की शरण में जाने के लिए अपनाया है।

रूस में साइकोलॉजिस्ट हैं अनंतानंद

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदू धर्म अपना चुके अनंतानंद बताते हैं कि वे रूस में साइकोलॉजिस्ट यानी मनोविज्ञानी हैं। वहीं, पर उनको काशी के पंडित वागीश शास्‍त्री के बारे में पता चला था और उन्‍हें मंत्रों के बारे में जानने की इच्‍छा हुई तब उन्‍होंने हिंदू धर्म अपनाने का ठान लिया। काफी समय बाद जब अनंतानंद भारत पहुंचे तो उन्‍हें पता चला कि 2022 में पंडित वागीश शास्‍त्री का निधन हो चुका है। रूस के मनोवैज्ञानिक का कहना है कि मंत्रों की दीक्षा लेने के बीच उन्‍हें जो अनुभूति हुई है उसका व्‍याख्‍यान कर पाना मुश्किल है। अनंतानंद बन चुके एंटोन बताते हैं कि ये तो सनातन धर्म की शक्ति है, जिसके कारण मेरी मंत्रों की दीक्षा सफल हो सकी।

रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण बदला धर्म

एंटोन से अनंतानंद बने शख्‍स ने बताया है कि वे रूस और यूक्रेन के बीच चले रहे युद्ध से बेहद दु:खी हैं। दोनों देशों के बीच शांति बनी रहे इसके लिए वे मां तारा से प्रार्थना भी कर रहे हैं। वे खुद बताते हैं कि आचार्य वागीश शास्त्री के संपर्क में वे वर्ष 2015 में आए थे, लेकिन उस समय अपरिहार्य कारणों के चलते उनकी तंत्र दीक्षा अपूर्ण रह गई थी। तब उन्होंने आशापति पंडित के सानिध्य में तंत्र दीक्षा ली और कुंडलिनी साधना की सभी 10 कक्षाओं को पूरा किया।

80 देशों के नागरिक ले चुके दीक्षा

वाराणसी के रहने वाले पंडित आशापति ने बताया है कि उनके गुरु वागीश शास्‍त्री और उनके द्वारा दीक्षा देने का यह काम 1980 में शुरू किया गया था। इसके बाद से अब तक कुल 80 देशों के 15 हजार से भी ज्‍यादा नागरिक दीक्षा ले चुके हैं। बताते हैं कि रूस और यूक्रेन ही एकमात्र ऐसे देश हैं जहां पर मंत्र साधना करने वालों की संख्‍या बहुतायत में है। पंडित आशापति शास्त्री ने बताया कि दुनिया में यूक्रेन और रूस से दीक्षा लेने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। गुरु वागीश शास्त्री और मेरे द्वारा अब तक 80 देशों के 15 हजार विदेशी शिष्यों को दीक्षा दी गई है। दीक्षा लेने की परंपरा 1980 में शुरू की गई थी। तब से लगातार यह काम चल रहा है। जो व्यक्ति पात्र है, उसी को दीक्षा दी जाती है।

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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