वाराणसी

नए साल में बनारस को मिलेंगे ये 2 प्रोजेक्ट, बदल जाएगी शहर की तस्वीर

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 27, 2022, 02:07 PM IST

Varanasi Urban Ropeway And Express way Project in Hindi: वाराणसी-कोलकाता एक्स्प्रेस-वे प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के सबसे प्रमुख हाई-वे प्रोजेक्ट में से एक है। नए साल में रोप-वे प्रोजेक्ट का भी शुरू करने की तैयारी है।

Image

प्रतीकात्मक तस्वीर: नए साल में वाराणसी को बड़ी सौगात

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • कैंट से गदौलिया की दूरी 17 मिनट में पूरी होगी।
  • बनारस से कोलकाता महज 6 घंटे में पहुंचेंगे।
  • 2023 में दोनों प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा।

Varanasi Urban Ropeway And Express way Project in Hindi: नए साल में बनारस के रहने वालों को दो नए इंफ्रास्ट्रक्ट प्रोजेक्ट की सौगात मिलने जा रही है। इसके तहत 6 लेन एक्सप्रेस-वे और देश का पहला अर्बन रोप-वे प्रोजेक्ट का काम शुरू होगा। इन दो प्रोजेक्ट के जरिए जहां शहर में आन-जाना आसान होगा, बल्कि बनारस से कोलकाता तक 610 किलोमीटर का सफर भी बेहद आसान हो जाएगा।

क्या है वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट

वाराणसी-कोलकाता एक्स्प्रेस-वे प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के सबसे प्रमुख हाई-वे प्रोजेक्ट में से एक है। यह एक्सप्रेस-वे बनारस को कोलकाता से जोड़ेगा। जो कि बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा। इस एक्सप्रेस-वे से बनारस से कोलकाता के बीच का सफर 12 घंटे घटकर 6 घंटे रह जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 30 हजार करोड़ रुपये आएगी। इसके लिए NHAI ने टेंडर जारी कर दिया है। और उम्मीद है कि नए साल में जनवरी और फरवरी में बनारस सेक्शन का काम शुरू हो जाएगा।

यूपी में यह 22 किलोमीटर, ब‍िहार में 159 किलोमीटर, झारखंड में 187 किलोमीटर और पश्चिम बंगाल में 242 किलोमीटर की दूरी कवर करेगा। यह एक्‍सप्रेसवे शुरू में 6 लेन का होगा, बाद में इसका विस्‍तार भी हो सकेगा। बनारस में यह रिंग रोड और चंदौली चैनपुर रोड को कनेक्ट करेगा। 27 किलोमीटर के इस स्ट्रेच के लिए 945 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया है। एक्सप्रेस-वे को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

17 मिनट में कैंट से गदौलिया

नए साल में रोप-वे प्रोजेक्ट का भी शुरू करने की तैयारी है। इसके तहत कैंट , विद्यापीठ स्टेशन, रथयात्रा स्टेशन, गिरजाघर क्रासिंग और गोदौलिया चौक स्टेशन बनाए जाएंगे। 3.75 किमी के रास्ते में पांच स्टेशन होंगे। कैंट से गदौलिया की दूरी 17 मिनट में पूरी कर ली जाएगी। इसके लिए कुल 228 केबिन इस्तेमाल होंगे। हर तीन से चार मिनट के इंटरवल पर यह सेवा उपलब्ध रहेगी। एक केबिन में 10 लोग सवार हो सकेंगे। रोप-वे प्रोजेक्ट का काम 2023 के जून-जुलाई में शुरू हो सकता है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article