Varanasi Urban Ropeway And Express way Project in Hindi: नए साल में बनारस के रहने वालों को दो नए इंफ्रास्ट्रक्ट प्रोजेक्ट की सौगात मिलने जा रही है। इसके तहत 6 लेन एक्सप्रेस-वे और देश का पहला अर्बन रोप-वे प्रोजेक्ट का काम शुरू होगा। इन दो प्रोजेक्ट के जरिए जहां शहर में आन-जाना आसान होगा, बल्कि बनारस से कोलकाता तक 610 किलोमीटर का सफर भी बेहद आसान हो जाएगा।
क्या है वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट
वाराणसी-कोलकाता एक्स्प्रेस-वे प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के सबसे प्रमुख हाई-वे प्रोजेक्ट में से एक है। यह एक्सप्रेस-वे बनारस को कोलकाता से जोड़ेगा। जो कि बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा। इस एक्सप्रेस-वे से बनारस से कोलकाता के बीच का सफर 12 घंटे घटकर 6 घंटे रह जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 30 हजार करोड़ रुपये आएगी। इसके लिए NHAI ने टेंडर जारी कर दिया है। और उम्मीद है कि नए साल में जनवरी और फरवरी में बनारस सेक्शन का काम शुरू हो जाएगा।
यूपी में यह 22 किलोमीटर, बिहार में 159 किलोमीटर, झारखंड में 187 किलोमीटर और पश्चिम बंगाल में 242 किलोमीटर की दूरी कवर करेगा। यह एक्सप्रेसवे शुरू में 6 लेन का होगा, बाद में इसका विस्तार भी हो सकेगा। बनारस में यह रिंग रोड और चंदौली चैनपुर रोड को कनेक्ट करेगा। 27 किलोमीटर के इस स्ट्रेच के लिए 945 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया है। एक्सप्रेस-वे को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
17 मिनट में कैंट से गदौलिया
नए साल में रोप-वे प्रोजेक्ट का भी शुरू करने की तैयारी है। इसके तहत कैंट , विद्यापीठ स्टेशन, रथयात्रा स्टेशन, गिरजाघर क्रासिंग और गोदौलिया चौक स्टेशन बनाए जाएंगे। 3.75 किमी के रास्ते में पांच स्टेशन होंगे। कैंट से गदौलिया की दूरी 17 मिनट में पूरी कर ली जाएगी। इसके लिए कुल 228 केबिन इस्तेमाल होंगे। हर तीन से चार मिनट के इंटरवल पर यह सेवा उपलब्ध रहेगी। एक केबिन में 10 लोग सवार हो सकेंगे। रोप-वे प्रोजेक्ट का काम 2023 के जून-जुलाई में शुरू हो सकता है।
