Varanasi News: धार्मिक नगरी काशी में रामनवमी के मौके पर सांप्रदायिकता की अनूठी मिसाल पेश की गई। वाराणसी स्थित सुभाष भवन में रामनवमी के मौके पर मुस्लिम महिलाओं ने प्रभु श्री राम की आरती उतारी और हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दिया गया। मुस्लिम महिलाओं ने पूरे शिद्दत के साथ ना सिर्फ आरती उतारी, बल्कि मंगलगीत भी गाईं। महाआरती के साथ मुस्लिम महिलाओं ने उन कट्टरपंथियों को भी संदेश दिया, जो धर्म की आड़ में नफरत के बीज बो रहे हैं।
कट्टरपंथियों को दिया संदेश
मुस्लिम महिलाओं का मानना है कि प्रभु श्री राम उनके आराध्य है और कोई भी फतवा उनको प्रभु श्री राम की आराधना करने से नहीं रोक सकता है। इस बार राम आरती के मौके पर राम पंथ महा दीक्षा संस्कार का आयोजन किया गया, जिसमें 1,100 लोगों को राम पथ की दीक्षा दी गई। इसमें हिंदू के साथ मुस्लिम समाज के लोग भी मौजूद थे।
आरएसएस के अधिकारी कार्यक्रम में शामिल
इस खास कार्यक्रम में आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश भी शामिल हुए। उन्होंने कहा की जिस तरह से राम के नाम पर कुछ लोग सियासत कर रहे हैं, उन्हें भगवान सद्बुद्धि दे। उन्होंने कहा है की राम का विरोध राहुल और अखिलेश को भारी पड़ेगा।
श्री राम लला का सूर्य तिलक
बता दें कि रामनवमी के मौके पर अयोध्या में खास तैयारी की गई है। भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। वहीं, आज राम मंदिर अयोध्या में भगवान श्री राम का सूर्य तिलक हुआ। इस अद्भुत झण को देखकर हर कोई ईश्वर का कृतज्ञ है। रामनवमी के दौरान अन्य मंदिरों में भी चहल पहल दिख रही है।
