वाराणसी

जब श्रद्धालुओं की लाइन में घुसा सांड, तो काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा को लेकर अखिलेश यादव ने कसा तीखा तंज

Kashi Vishwanath Mandir: अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते यूपी सरकार और काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। वीडियो में दिख रहा है कि वाराणसी के विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालुओं के साथ एक सांड घुस गया। जिसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई।

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अखिलेश यादव ने सांड का वीडियो शेयर कर उठाए सवाल।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर सांड का मुद्दा उठाया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए एक वीडियो साझा किया है। श्रद्धालुओं की लाइन में सांड के घुसने को लेकर अखिलेश ने अपने तंज में क्या कुछ कहा, नीचे पढ़िए।

सपा के मुखिया ने सांड का वीडियो शेयर कर उठाया सवाल

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 'वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की लाइन में एक सांड का प्रवेश सुरक्षा व्यवस्था की भारी चूक है जिसके परिणाम घातक हो सकते थे। मामले की जांच हो और भविष्य में ऐसी घटना से बचाव के लिए कारगर निगरानी के साथ-साथ, जहाँ संभव हो वहाँ ‘कैटल ग्रिड’ या ‘कैटल गार्ड’ जैसी व्यवस्था का भी सहारा लिया जाए।'

अखिलेश यादव ने यूपी की अर्थव्यवस्था को लेकर कसा था तंज

इससे एक दिन पहले ही समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2029 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को एक हजार अरब डॉलर किये जाने के सरकार के दावे पर शनिवार को तंज कसते हुए कहा कि जो अपने काम में असफल होते हैं, वो लक्ष्य की ‘समय-सीमा’ बदलते हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'जो अपने काम में असफल होते हैं, वो लक्ष्य की ‘समय-सीमा’ बदलते हैं, देश-प्रदेश का भविष्य नहीं।'

उन्होंने राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, '2021 में भाजपाइयों ने कहा था कि 2024 तक उप्र की अर्थव्यवस्था एक ट्रिलियन डॉलर (एक हजार अरब डॉलर) की हो जाएगी और अब 2025 में कह रहे हैं, 2029 में उप्र की अर्थव्यवस्था एक ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी।' यादव ने कहा, 'जनता को न इनके बीते कल के वादे पर विश्वास था, न आने वाले कल के दावे पर भरोसा है। झूठ भाजपा का पर्याय बन गया है। जनमानस कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!'

सपा विधायक के सवाल पर सीएम योगी आदित्‍यनाथ का जवाब

उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की प्रेरणा के अनुरूप प्रदेश एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। विधानसभा में शुक्रवार को ही प्रश्नकाल में समाजवादी पार्टी की विधायक डॉ रागिनी सोनकर के सवालों का जवाब देते हुए योगी ने कहा था, 'पिछले आठ वर्ष की डबल इंजन की सरकार के प्रयास से यह दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और 2029 में यूपी एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था भी बनेगा, इस बात के लिए पूरे सदन को आश्‍वस्‍त करता हूं।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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