I LOVE MUHAMMAD को लेकर उठी चिंगारी अब पूरे देश में फैल चुकी है। कानपुर से हैदराबाद तक इस नारे पर कोहराम मचा हुआ है। यूपी में कई जिलों में जुलूस निकाले जा रहे हैं। इस नारे के खिलाफ अब हिंदूवादी संगठन भी एकजुट होने लगे हैं। इस संबंध में काशी के साधु संतों ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। वाराणसी में I love muhammad की तर्ज पर I LOVE MAHADEV ट्रेंड कर रहा है। सोशल मीडिया से लेकर शहर के अलग-अलग जगहों पर महादेव के पोस्टर के साथ प्रदर्शन हो रहे हैं।
मठों के बाहर लगाए महादेव के पोस्टर
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती की अगुवाई में संतों ने अस्सी स्थित सुमेरु पीठ में प्रदर्शन किया। संतों के हाथों में I LOVE MAHADEV के पोस्टर थे। संतों ने शंखनाद किया और हर हर महादेव के नारे लगाए। संतों ने पोस्टर के साथ न सिर्फ प्रदर्शन किया, बल्कि मठ और मंदिरों पर इसे चिपकाया भी। संतों ने आह्वाहन किया कि हर काशीवासी अपने घर के बाहर महादेव के पोस्टर लगाए। काशी के सभी 84 घाटों पर I Love Mahadev के बैनर और पोस्टर लगाए जाएंगे।

I Love Mahadev से गूंजे काशी के घाट
कट्टरपंथियों को जवाब देने की तैयारी
संतों की अगुवाई कर रहे स्वामी नरेंद्रानंद ने कहा कि 'कुछ लोग आई लव मोहम्मद के नाम पर समाज में भय व्याप्त करना चाहते हैं। सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं। लेकिन सौ करोड़ हिन्दुस्तानी झुकने वाले नहीं हैं। अगर जरूरत पड़ेगी तो पांच करोड़ साधु संत सड़कों पर आने के लिए तैयार हैं।'
दरअसल काशी में भी आई लव मोहम्मद को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। कई मुस्लिम इलाकों में पिछले दिनों जुलूस निकाला गया था। बगैर परमिशन के जुलूस निकालने पर बीस लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज हो चुका है।
