Varanasi News: नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के 'महागौरी' रूप की पूजा की जाती है। क्या आप जानते हैं कि मां महागौरी का प्रसिद्ध मंदिर भारत में किस स्थान पर स्थित है? विश्व की धार्मिक राजधानी के नाम से मशहूर काशी बाबा भोलेनाथ की नगरी कही जाती है। वाराणसी में ही पवित्र महागौरी मंदिर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन विश्वनाथ मंदिर में मां अन्नपूर्णा महागौरी के नाम से जानी जाती हैं। वे मां दुर्गा का आठवां स्वरूप हैं।
..और काशी में विराजमान हो गईं देवी महागौरी
काशी के महागौरी दुर्गा मंदिर से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए माता गौरी जब तपस्या कर रही थीं, तभी वो कृष्ण वर्ण हो गईं। कहा जाता है कि बाद में माता गौरी को भगवान भोले ने गंगाजल से गौर वर्ण कर दिया। इसी के बाद से मां पार्वती को महागौरी देवी का नाम मिला और वो काशी में ही विराजमान हो गईं।

महागौरी दुर्गा मंदिर से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं प्रचलित।
श्रद्धालुओं को अपने पापों से मिल जाती है मुक्ति
ऐसी मान्यताएं हैं कि श्रद्धालुओं को देवी महागौरी की पूजा करने से अपने पापों से मुक्ति मिल जाती है। वे ऐसा करके दिव्य उपलब्धियां प्राप्त कर सकते हैं। करोड़ों भक्तों के लिए काशी का ये मंदिर बेहद खास है। अगर सच्चे मन से कोई माता के मंदिर में दर्शन और पूजा करने पहुंचता है तो उसे पापों से छुटकारा मिल जाता है।
सुबह 5 बजे से रात के 10 बजे तक खुलता है मंदिर
यह महागौरी दुर्गा मंदिर सुबह 5 बजे से रात के 10 बजे तक खुलता है। हर सुबह और शाम यहां माता की आरती होती है। रोजाना इस मंदिर प्रांगण में दोपहर के बाद श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन दिया जाता है। देवी महागौरी D-9/1, अन्नपूर्णा मंदिर में स्थित हैं। इस मंदिर तक आने वाले रास्ते को विश्वनाथ गली कहलाती है।
