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Maha Shivratri 2026: महादेव की काशी में 26 घंटे तक लगातार पूजन का भव्य आयोजन, प्रशासन भी हाई अलर्ट

काशी सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, जिसे भगवान शिव की नगरी माना जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष 15 फरवरी को काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष सजावट और 26 घंटे तक लगातार पूजन के साथ भक्तों का स्वागत किया जाएगा।

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महाशिवरात्रि 2026 से पहले महादेव की नगरी तैयार (फोटो: पीटीआई)

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Maha Shivratri 2026: काशी (वाराणसी/बनारस) सिर्फ एक शहर नहीं एक भावना है। इसे हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और प्राचीन नगर माना जाता है। इसे भगवान शिव की नगरी और मोक्ष प्राप्ति का प्रमुख केंद्र कहा जाता है। गंगा नदी के तट पर बसा यह शहर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, काशी विश्वनाथ, का स्थल है। काशी ज्ञान, कला और संस्कृति का केंद्र भी है और इसे ऐसा पवित्र स्थान माना जाता है जहां मृत्यु के बाद आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं, महाशिवरात्रि सनातन हिंदू संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो खासतौर से भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। मान्यता है कि सृष्टि का आरंभ इसी दिन हुआ था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन महादेव का विशाल रूप, अग्निलिंग, प्रकट हुआ और इसी अवसर पर भगवान शिव ने देवी पार्वती के साथ विवाह किया।

लाखों श्रद्धालुओं का आगमन

साल 2026 की महाशिवरात्रि जो कि, 15 फरवरी, रविवार को पड़ने जा रही है के मौके पर काशी विश्वनाथ मंदिर में लगभग 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इस विशेष पर्व के लिए मंदिर परिसर को पूरी तरह सजाया गया है। श्रद्धालुओं के लिए रेट कारपेट बिछाया जाएगा और उन पर फूलों की वर्षा भी की जाएगी। इस मौके पर बाबा के धाम में 26 घंटे लगातार दर्शन और पूजन जारी रहेंगे। रविवार की सुबह मंगला आरती के साथ मंदिर के कपाट खुलेंगे और फिर दर्शन-पूजन का क्रम शुरू होगा।

प्रशासन हाई अलर्ट

इस अवसर पर भगवान शिव विशेष परिधान धारण करेंगे, जिसमें मेवे और रुद्राक्ष से तैयार सेहरा प्रमुख रहेगा। इसी रूप में भगवान भक्तों के दर्शन और पूजन में उपस्थित होंगे। सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर और उसके आसपास लगभग 2 किलोमीटर के क्षेत्र में सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। इसमें पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस के स्पेशल कमांडोज शामिल हैं। भीड़ पर निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि एंट्री गेट पर भी ड्रोन तैनात रहेंगे।

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