उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में कल यानी गुरुवार 4 जून को एक पुलिस एनकाउंटर में कमलेश चौधरी मारा गया। वह होटल व्यापारी विनीत राय की हत्या के मामले में आरोपी थी। एनकाउंटर में कमलेश चौधरी के मारे जाने के बाद ग्रामीणों ने गुरवार शाम उसके शव को लेकर हंगामा किया। इस हंगामे के दौरान ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर भी चलाए और पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर मारा। यह मामला लगातार बड़ा होता जा रहा है। आज यानी शुक्रवार 5 जून को सुबह वाराणसी से डीआईजी वैभव कृ्ष्ण घटना स्थल पर पहुंचे हैं।
ग्रामीणों की पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल
कल जब कमलेश चौधरी एनकाउंटर में मारा गया तो ग्रामीणों ने उसके शव को पुलिस द्वारा ले जाए जाने का विरोध किया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों की झड़प हुई और ग्रामीणों की तरफ से चलाए गए ईंट-पत्थरों से कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। क्षेत्राधिकारी सदर का भी सिर फट गया। घायल चार पुलिसकर्मियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
ग्रामीणों की इस पत्थरबाजी में RPF का एक जवान गणेश दुबे भी घायल हो गया था। हरकुश पटेल हमराही थाना अध्यक्ष नंदगंज, अतुल कुमार मिश्रा थाना अध्यक्ष नंदगंज और रेशमा महिला कांस्टेबल कोतवाली ड्यूटी भी इस दौरान घायल हुए।
कमलेश चौधरी के भाई ने एनकाउंटर को बताया हत्या
इस बीच एनकाउंटर में मारे गए आरोपी कमलेश चौधरी के भाई संजय चौधरी ने आरोप लगाया कि यह एनकाउंटर नहीं हत्या है। संजय चौधरी ने बताया कि कमलेश चौधरी समाजवापी पार्टी का कार्यकर्ता था, इसलिए उसकी हत्या की गई।
देर शाम अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाते समय हुए हंगामा और पत्थरबाजी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संजय चौधरी सहित 60-70 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने रासुका के तहत भी कार्रवाई करने की बात कही है। यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और आज सुबह वाराणसी से DIG वैभव कृष्ण भी उस जगह पहुंचे, जहां कल ग्रामीणों में पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की थी।
