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Valley of Flowers: इस दिन से खुलेगी फूलों की घाटी, खूबसूरत वादियों का पर्यटक करेंगे दीदार

उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की वैली 1 जून से पर्यटकों के लिए खुलने वाली है। यह 30 अक्टूबर तक खुली रहेगी। फूलों की वैली में कई तरह के खूबसूरत फूल और दुलर्भ हिमालयी वनस्पतियां पाई जाती है।

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फूलों की घाटी (फोटो साभार - ट्विटर)

Valley of Flowers: उत्तराखंड के चमोली में स्थित फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए जल्द ही खुलने वाली है। उत्तराखंड सरकार ने इसकी तारीखों की घोषणा भी कर दी है। विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी 1 जून 2024 से यात्रियों के लिए खुल रही है। जिसके बाद यह 30 अक्टूबर तक खुली रहने वाली है। यहां पर आपको 500 से अधिक प्रजाति के रंग-बिरंगे फूल देखने को मिलेंगे। साथ ही खूबसूरत वादियों का भी दीदार होगा। फूलों की घाटी मई से अक्टूबर महीने के बीच वनस्पति वंडरलैंड में बदल जाती है। इन महीनों के बीच ही घाटी में फूलों को सबसे अच्छी तरह से देखा जा सकता है। हालांकि जुलाई से सितंबर महीने के दौरान फूलों की अधिकतम बहुतायत होती है।

जैव विविधता का खजाना

चमोली में स्थित फूलों की घाटी वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल है। यह नंदा देवी बायोस्पेयर रिजर्व का भी भाग है। फूलों की घाटी एक जून से टूरिस्टों के लिए खुल रही है। इस कारण नंदा देवी राष्ट्रीय वन प्रभाग घाटी में पर्यटकों के स्वागत की तैयारियां कर रहा है। फूलों की घाटी प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है और यहां पर दुर्लभ हिमालयी वनस्पतियां भी पाई जाती हैं। यह जगह जैव विविधता का खजाना है। फूलों की घाटी पर्यटकों और ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए बेस्ट जगह है।

फूलों की घाटी में ट्रैकिंग फीस

उप वन संरक्षक बीबी मार्तोलिया ने बताया कि पर्यटकों के लिए फूलों की घाटी खुलने के बाद पहला दल 1 जून को घांघरिया बेस कैंप से रवाना होगा। इस दल को घाटी में ट्रैक करने के बाद उसी दिन वापस लौटना होगा। फूलों की घाटी के लिए घांघरिया में टूरिस्ट गाइड की सुविधा भी रहेगी। फूलों की घाटी में ट्रैकिंग के लिए भारतीय लोगों के लिए 200 रुपये और विदेशी लोगों के लिए 800 रुपये ईको ट्रैक शुल्क तय किया गया है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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