शहर

कर्णप्रयाग विवाद मामले में बड़ा मोड़; उत्तराखंड पुलिस ने जांच हरिद्वार ट्रांसफर की, जानें कौन करेगा पूरे घटनाक्रम की पड़ताल?

उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए दोनों पक्षों से जुड़े मुकदमों की जांच चमोली से हटाकर हरिद्वार पुलिस को सौंप दी गई है।

Image

हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान हुए विवाद पर कार्रवाई तेज (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : iStock

Karnaprayag News: उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद मामले में पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला लिया है। दोनों पक्षों से जुड़े मुकदमों की जांच अब चमोली से हटाकर हरिद्वार पुलिस को सौंप दी गई है। वहीं स्थानीय पुलिस के कथित व्यवहार को लेकर लगे आरोपों की जांच डीआईजी स्तर के अधिकारी करेंगे।

उत्तराखंड पुलिस ने साफ किया है कि हेमकुंड साहिब और चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद और मारपीट की घटना सामने आई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने दोनों पक्षों से जुड़े मुकदमों की विवेचना हरिद्वार ट्रांसफर कर दी है। इन मामलों की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर करेंगे।

दो हफ्ते के अंदर जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

पुलिस मुख्यालय ने सिख संगठनों द्वारा स्थानीय पुलिस के व्यवहार को लेकर लगाए गए आरोपों को भी गंभीरता से लिया है। आरोपों की जांच के लिए डीआईजी यशवंत सिंह चौहान को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें दो सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस सभी धर्मों और समुदायों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है तथा प्रत्येक मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा और चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि हेमकुंड साहिब यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के धार्मिक प्रतीकों या पहचान चिह्नों पर किसी प्रकार की कोई रोक नहीं है। गुरुद्वारों में संचालित लंगर व्यवस्था भी पहले जैसी जारी है और उस पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं तथा आमजन से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति, सौहार्द एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। कर्णप्रयाग प्रकरण की जांच अब हरिद्वार पुलिस और डीआईजी स्तर की जांच के बाद आगे बढ़ेगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article