Saharanpur Encounter: UP STF और स्थानीय पुलिस ने सोमवार तड़के एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 1.25 लाख के इनामी और बेहद शातिर अपराधी लल्लन सिंह उर्फ लल्लन को एक मुठभेड़ में मार गिराया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, लल्लन सिंह उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में आतंक फैलाए हुआ था और दो सब-इंस्पेक्टरों समेत सात लोगों की जघन्य हत्याओं का मुख्य आरोपी था। मारा गया खूंखार अपराधी मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आनंदगोलवा गांव का रहने वाला था, जो लंबे समय से कानून के शिकंजे से बचकर फरार चल रहा था।
सरसावा-नकुड़ रोड पर हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, यह एनकाउंटर 21 और 22 जून की दरमियानी रात को सहारनपुर जिले के सरसावा–नकुड़ रोड पर हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व वाली STF और स्थानीय पुलिस की टीम को इलाके में लल्लन और उसके साथियों की मौजूदगी का सटीक इनपुट मिला था। जब पुलिस टीम ने संदिग्धों को घेरने की कोशिश की, तो उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की ओर से बचाव में की गई जवाबी कार्रवाई में लल्लन सिंह को गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल में हुई मौत
गोली लगने के बाद घायल बदमाश को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सरसावा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे सहारनपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस गोलाबारी का फायदा उठाकर उसका एक मुख्य सहयोगी मौके से भागने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पूरे जिले में नाकेबंदी कर भारी कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
वाराणसी में दरोगा को गोली मारकर छीनी थी सर्विस पिस्टल
लल्लन सिंह के अपराधों की फेहरिस्त बेहद लंबी और खौफनाक है। वह नवंबर 2022 से ही पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। 8 नवंबर 2022 को वाराणसी में उसने दुस्साहस दिखाते हुए एक सब-इंस्पेक्टर पर जानलेवा हमला कर उन्हें गोली मार दी थी और उनकी सरकारी सर्विस पिस्टल लूटकर फरार हो गया था। इससे ठीक एक हफ्ते पहले 1 नवंबर 2022 को उसने चंदौली जिले में भी सरेआम फायरिंग कर एक बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस खौफनाक वारदातों के बाद वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ने उस पर 1 लाख और चंदौली के पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार का नकद इनाम घोषित किया था।
7 हत्याएं, बैंक डकैती और हथियारों की लूट
STF के अधिकारियों के मुताबिक, लल्लन सिंह अपने भाइयों और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट चला रहा था। उसके गैंग का मुख्य टारगेट बैंक, कैश वैन और सुरक्षाकर्मी होते थे। लल्लन सिंह के खिलाफ दो सब-इंस्पेक्टर, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड समेत कुल 7 लोगों की हत्या, कई जिलों में करोड़ों रुपये की बैंक और कैश वैन लूट, पुलिस बल पर हमला कर उनके सरकारी असलहे और कारतूस छीनने जैसे मामले दर्ज हैं।
