Lucknow Encounter: उत्तर प्रदेश में अपराधियों और शूटरों के खिलाफ जारी सख्त अभियान के तहत लखनऊ पुलिस को शनिवार तड़के एक बड़ी कामयाबी मिली है। राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में हुए चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड के मुख्य शूटर और एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी संजय उर्फ संजीव को पुलिस ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। बदमाश के पास से अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। संजय उर्फ संजीव पर लखनऊ पुलिस कमिश्नर द्वारा 1 लाख रुपयों का नकद इनाम घोषित किया गया था और पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थीं।
कैसे हुई मुठभेड़
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार भोर में अपर पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम को बदमाश के मूवमेंट की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने जनपद लखनऊ के इंदिरा कैनाल रोड पर नाकाबंदी कर संदिग्धों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान बाइक सवार बदमाश संजय उर्फ संजीव को जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो उसने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग झोंक दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश संजय को गोलियां लगीं और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। पुलिस उसे तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।खान मुबारक और दिलीप वर्मा गैंग से जुड़ा था कनेक्शन
मारा गया शूटर संजय उर्फ संजीव मूल रूप से अंबेडकरनगर जिले के थाना अहिरौली अंतर्गत ग्राम चक कोदार का निवासी था (पुत्र हरीराम)। वह अंचल का एक शातिर कांट्रैक्ट किलर था। जांच में सामने आया है कि वह अंबेडकरनगर के कुख्यात माफिया दिलीप वर्मा और अंडरवर्ल्ड से जुड़े रहे खान मुबारक गैंग के सक्रिय सदस्यों के साथ मिलकर काम करता था। गैंग के शह पर उसने अंबेडकरनगर, बस्ती और अयोध्या जनपदों में कई सनसनीखेज और जघन्य हत्या की वारदातों को अंजाम दिया था, जिसके चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में उसका अच्छा-खासा खौफ था।
चर्चित बिल्डर हत्याकांड का था मुख्य आरोपी
संजय उर्फ संजीव का नाम हाल ही में तब सबसे ज्यादा चर्चा में आया, जब बीते 27 मई को लखनऊ के पॉश इलाके PGI में दिनदहाड़े चर्चित बिल्डर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात में संजय ही मुख्य शूटर था, जिसने संदीप सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। इस हत्याकांड के बाद से ही वह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। एडिशनल एसपी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि मारे गए अपराधी के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं और इस एनकाउंटर के बाद लखनऊ और आसपास के जिलों के व्यापारियों व बिल्डरों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई और शव के पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर रही है।
