शहर

UP News: बिजली उपभोक्ताओं को लगेगा बड़ा झटका, 25 फीसदी मंहगी हो सकती है इलेक्ट्रिसिटी

UP News: उत्तर प्रदेश की बिजली कंपनियों ने नियामक आयोग में एआरआर दाखिल कर दिया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही बिजली की दरों में 25 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।

Image

यूपी में बढ़ सकती है बिजली की कीमतें

UP News: उत्तर प्रदेश में बिजली की कीमतों में हो सकती है वृद्धि। विधुत वितरण निगम द्वारा हाल ही में विद्युत नियामक आयोग को वार्षिक राजस्व आवश्यकता को लेकर एक प्रस्ताव भेजा गया है। इस प्रस्वात में उन्होंने बिजली की खरीद और बिजली के बिल से मिलने वाली रकम के बीच के अंतर को दिखाया है। जानकारी के अनुसार बिजली की खरीद और बिल से आने वाली रकम से बीच बहुत बड़ा अंतर है। दाखिल इस प्रस्ताव के अनुसार, ये अंतर कुछ 1-2 करोड़ का नहीं बल्कि 11 से 12 हजार करोड़ का है।

बिजली के बढ़ेंगे दाम

प्रस्वात के माध्यम से नियामक आयोग को होने वाले घाटे की सूचना दी गई है। यदि नियामक आयोग बिजली कंपनियों द्वारा दाखिल किए एआरआर को मंजूरी देता है तो ये मान लीजिए की आने वाले समय में बिजली के दामों में वृद्धि हो सकती है। जानकारी के अनुसार बिजली की कीमतों में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की संभावना है।

एआरआर हुआ दाखिल

बिजली कंपनियों द्वारा एआरआर दाखिल करने की अंतिम तिथि गुरुवार की थी। अंतिम तिथि के दिन शाम 5 बजे के बाद बिजली कंपनी द्वारा एआरआर दाखिल किया गया और उसमें 11 से 12 हजार करोड़ का घाटा दिखाया गया है। बता दें कि रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के माध्यम से 13.06 प्रतिशत का घाटा दिखाया गया और एआरआर दाखिल किया गया है।

आंकड़ों के अनुसार कंपनियों ने 80 से 85 हजार की लागत के साथ 1,45,000 मिलियन यूनिट बिजली की आवश्यकता बताई। बता दें कि 2023 और 24 में 92,547 करोड़ वार्षिक राज्य आवश्यकता दाखिल की गई तो वहीं अगले वित्तीय वर्ष के लिए 1,01000 करोड़ की आवश्यकता बताई गई है। जानकारी के अनुसार, इससे पहले बिजली कंपनियों द्वारा 9,124 करोड़ रुपये का अंतर दिखाया गया था। इसके साथ ही यदि बिजली कंपनियों द्वारा जारी एआरआर को मंजूरी मिलती है तो इस प्रस्ताव के बाद बिजली के दाम 25 प्रतिशत तक बढ़ जाएंगे। लेकिन फिलहाल इस प्रस्ताव को रोक दिया गया है। बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का सरप्लस पैसा देने की बात कहते हुए इसे रोका गया है।

सरप्लस रकम से अंतर की जा सकती है भरपाई

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का 33,122 करोड़ रुपये सरप्लस है। साथ ही उन्होंने बिजली कंपनियों द्वारा बिजली दरों में इजाफे की साजिश की बात कही।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article