Ujjain News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच अवैध निर्माणों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी कड़ी में रविवार सुबह खास चौक स्थित 11 मुखी हनुमान मंदिर के पास बिना अनुमति बनाए जा रहे होटल और दुकानों को हटाने की कार्रवाई की गई। करीब 6 हजार वर्गफीट में फैले निर्माण को ध्वस्त करने के लिए मौके पर दो पोकलेन और तीन जेसीबी मशीनें लगाई गईं।
पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
नगर निगम की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित स्थान पर होटल और दुकानों के लिए ग्राउंड फ्लोर तथा प्रथम तल का निर्माण किया जा रहा था। निचले तल का क्षेत्रफल करीब 3 हजार वर्गफीट था, जबकि दोनों तल को मिलाकर कुल निर्माण लगभग 6 हजार वर्गफीट बताया गया है।
नगर निगम के अधीक्षक यंत्री प्रमोद मालवीय ने बताया कि सिंहस्थ क्षेत्र में यह निर्माण बिना अनुमति किया जा रहा था। इस संबंध में संबंधित पक्ष को पहले नोटिस जारी कर निर्माण हटाने और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने और अवैध निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद नगर निगम ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। नगर निगम के जोन क्रमांक-1 के नगर निवेश विभाग ने 23 जनवरी 2026 को पहला नोटिस जारी किया था।
10 फरवरी 2026 को दिया गया अंतिम नोटिस
इसके बाद 10 फरवरी 2026 को अंतिम नोटिस दिया गया। नोटिस में मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 436 का उल्लेख करते हुए संबंधित पक्ष को स्वयं अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि ऐसा नहीं करने पर नगर निगम निर्माण हटाएगा और कार्रवाई में होने वाला खर्च भी संबंधित पक्ष से वसूला जाएगा।
नगर निगम के इंजीनियर शिवम दुबे के अनुसार, दो नोटिस जारी होने के बावजूद संबंधित पक्ष की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद निगम की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन में मेला क्षेत्र और आसपास के इलाकों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की तैयारी चल रही है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सिंहस्थ क्षेत्र में बिना अनुमति किए गए निर्माणों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
