शहर

TMC मतभेदों के बीच संगठन में अहम बदलाव, चंद्रिमा बनी प्रदेश अध्यक्ष और कल्याण बनर्जी महासचिव, अभिषेक बनर्जी को कौन सी जिम्मेदारी?

TMC Internal Rift: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बढ़ती गुटबाजी के बीच ममता बनर्जी ने कोलकाता स्थित अपने आवास पर वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक बुलाई। टीएमसी ने ऋतब्रत बनर्जी की नियुक्ति को अवैध बताते हुए हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है।

Image

बागी विधायकों के दावे पर ममता बनर्जी की बड़ी बैठक

Photo : ANI

TMC Internal Rift: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रही खींचतान चर्चा का विषय बनी हुई है। पार्टी में बढ़ते मतभेदों के बीच मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कोलकाता स्थित अपने आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में 8 विधायक और 6 सांसद शामिल हुए, जिनमें अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन, फिरहाद हकीम और अन्य प्रमुख नेता मौजूद रहे।

एएनआई के मुताबिक बैठक के बाद टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में ऋतब्रत बनर्जी की नियुक्ति पूरी तरह गलत और कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस फैसले को अदालत में चुनौती देगी और सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगी। कल्याण बनर्जी ने भाजपा पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि टीएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं और कई जगहों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीएमसी इन मुद्दों पर सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ेगी।

चंद्रिमा भट्टाचार्य को बनाया गया टीएमसी प्रदेश अध्यक्ष

बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए भी कई फैसले लिए गए। पार्टी ने घोषणा की कि सांसद डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन, राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की संगठनात्मक जिम्मेदारियों में सहयोग करेंगे। इसके अलावा राज्य स्तर पर नेताओं से सुझाव लेकर नई समितियों का गठन किया जाएगा। चंद्रिमा भट्टाचार्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि साजदा अहमद, ममता ठाकुर, नयना बंद्योपाध्याय और स्वाति खांडेकर को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

टीएमसी के सामने फिलहाल बड़ा संकट

दरअसल, टीएमसी में यह विवाद तब और बढ़ गया जब कुछ बागी विधायकों ने दावा किया कि उन्हें विधानसभा के 58 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इन नेताओं ने पार्टी नेतृत्व द्वारा चुने गए नेता प्रतिपक्ष को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। बागी गुट का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष ने उनके दावे को मान्यता दी है और वे खुद को विधानसभा में मुख्य विपक्षी समूह मानते हैं। इन घटनाओं ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि टीएमसी नेतृत्व इस संकट से कैसे निपटता है और आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर क्या नए राजनीतिक घटनाक्रम सामने आते हैं।

monu jha
मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article