CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टाइम्स नाउ के विकसित भारत-समृद्ध यूपी कॉन्क्लेव के मंच पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को निशाने पर लिया। इस सवाल पर कि क्या अखिलेश यादव कहते हैं कि आपके अनरजिस्टर्ड संघी-साथी, न उन्होंने आजादी से पहले कभी वंदे मातरम गाया, न आज गाते हैं। तो वह क्या इशारा कर रहे हैं, आप उन्हें क्या कहेंगे।
अखिलेश संघ की शाखाओं में जाएंगे तो...
इस सवाल पर सीएम योगी ने कहा, अखिलेश यादव को संघ की शाखाओं में जाकर सामान्य आचार और नियमों की जानकारी लेनी चाहिए। मैं उन्हें सुझाव दूंगा, अगर वह संघ की शाखाओं ने जाने लग जाएंगे तो उन्हें जल्दी ही जगने की आदत हो जाएगी। दोपहर 12 बजे तक सोकर उठते हैं, 1 बजे तक सोकर उठते हैं, तो समय पर जगेंगे तो उनके भी हित में होगा, और जिस पारिवारिक पार्टी को लेकर वह चल रहे हैं, उस पारिवारिक पार्टी का नाम भी कम से कम बना रहेगा।
उन्हें मालूम होना चाहिए की वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है। भारत की आजादी का यह गीत मंत्र रहा है। राष्ट्र गीत, राष्ट्र गान, राष्ट्र ध्वज इन राष्ट्र प्रतीकों का अपमान ये संविधान के निर्माताओं का अपमान है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का अपमान है, भारत के उन महान क्रांतिकारियों का अपमान है, जिन्होंने वंदे मातरम गाते-गाते फांसी के फंदे को चूमा था। वंदे मातरम यानी राष्ट्रगीत का, राष्ट्रगान का और भारत की आन-बान-शान का अपमान है। यह राष्ट्रद्रोह है और राष्ट्रद्रोह का अपमान भारत स्वीकार नहीं कर सकता है।
PDA यानी परिवार डेवलेपमेंट अथॉरिटी- बोले योगी
इस सवाल पर कि समाजवादी पार्टी का जो फॉर्मूला था एमवाई फॉर्मूला वह अब बदलकर पीडीए हो गया है, एमवाई का भी कुछ अलग बन गया है। मुस्लिम-यादव नहीं है, अब महिला-युवा हो गया है। आपको लगता है 2027 में बदलते फॉर्मूलों से फर्क पडे़गा। इसके जवाब में सीएम योगी ने कहा, युवा जरूर उनसे पूछेगा कि जब सरकार थी तब क्या किया था। इनका पीडीए अवसरवाद का नमूना है जिसे आप परिवार डेवलेपमेंट अथॉरिटी कह सकते हैं।
ये लोग अवसरवादी अथॉरिटी गठित करेंगे
सीएम योगी ने कहा, एक परिवार के विकास के लिए ये लोग अवसरवादी अथॉरिटी गठित करेंगे। अखिलेश जी उसके चेयरमैन हो जाएंगे, शिवपाल यादव उसके सीईओ हो जाएंगे, रामगोपाल यादव उसके वाइस प्रेसिडेंट हो जाएंगे। बाकी अन्य लोगों भाई-भतीजों को भी..क्योंकि महाभारत के सारे रिश्ते उनके पास मौजूद हैं। तो पीडीए उसी का नमूना है। ये तय है, न उनको आना है, जब आना नहीं है तो करना भी नहीं है। तो कुछ भी घोषणएं कर लो।
