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22 जिले, 700 किमी की दूरी... सिर्फ 6 घंटे में एक से दूसरे कोने तक पहुंचाएगा ये नया एक्सप्रेसवे

सड़कें किसी भी देश में कनेक्टिविटी के लिए बहुत ही अहम होती हैं। खासतौर पर बाद दूर-दूर बसे शहरों को आपस में जोड़ने में एक्सप्रेसवेज की भूमिका अहम होती है। देश में एक ऐसे ही काफी महत्वपूर्ण 700 किमी लंबे एक्सप्रेसवे की तैयारियां की जा रही हैं, 22 जिलों से होकर गुजरेगा।

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एक्सप्रेसवे की फाइल फोटो

भारत जैसे बड़े देश में सड़कें धमनियों से कम नहीं हैं। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाकर पूरे देश की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जा रहा है। देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे दिल्ली और मुंबई के बीच बन रहा है। उत्तर प्रदेश में भी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब बारी है उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे को बनाने की। जी हां, अभी UP में निर्माणाधीन 570 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे राज्य का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा, लेकिन जल्द ही यह दूसरे नंबर पर खिसक जाएगा। क्योंकि सरकार ने 700 किमी लंबा एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। चलिए जानते हैं -

700 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

फिलहाल मेरठ से प्रयागराज के बीच निर्माणाधीन 570 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे राज्य का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है। यह एक्सप्रेसवे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को आपस में कनेक्ट करता है। लेकिन जल्द ही गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे इसे पछाड़ देगा। क्योंकि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे 700 किमी लंबा होगा। यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से ग्रीनफील्ड और 6 लेन का होगा। गंगा एक्सप्रेसवे के बाद गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से दोनों शहरों के बीच की दूरी महज 6 घंटे की रह जाएगी।

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गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का रूट मैप

22 जिलों से गुजरेगा यह एक्सप्रेसवे

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे राज्य के कुल 22 जिलों और 37 तहसीलों से होकर गुजरेगा। इससे न सिर्फ इन जिलों में परिवहन व्यवस्था सुगम होगी, बल्कि जमीन की दाम भी बढ़ेंगे। यही नहीं इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से गोरखपुर और शामली के बीच की दूरी भी करीब 200 किमी तक कम हो जाएगी। बड़ी बात यह है कि यह सोलर एक्सप्रेसवे होगा। यानी एक्सप्रेसवे पर ऊर्जा की सभी जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी होंगी, जो पर्यावरण के लिए भी काफी अच्छा है।

गोरखपुर से हरिद्वार सिर्फ 8 घंटे में

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के बन जाने से सिर्फ इन दो शहरों या इनके बीच में आने वाले शहरों को भी लाभ नहीं होगा। बल्कि मसूरी, देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, पोंटा साहिब, देवबंद और चारधाम की ओर जाने वाले यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने पर गोरखपुर से हरिद्वार पहुंचने में मात्र 8 घंटे का समय लगेगा। लगभग इतना ही समय देहरादून और ऋषिकेश पहुंचने में भी लगेगा।

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महज 6 घंटे में तय होगी गोरखपुर से शामली की दूरी

यूपी के इन जिलों को होगा फायदा

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे यूपी के इन प्रमुख जिलों से गुजरेगा। जिससे यहां कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

  • गोरखपुर
  • संत कबीर नगर
  • सिद्धार्थ नगर
  • बलरामपुर
  • बहराइच
  • सीतापुर
  • लखनऊ
  • हरदोई
  • बिजनौर
  • अमरोहा
  • सहारनपुर
  • आगरा
  • मुजफ्फरनगर
  • शाहजहांपुर
  • बदायूं
  • रामपुर
  • मुरादाबाद
  • बरेली
  • संभल
  • मेरठ
  • शामली

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI इस एक्सप्रेसवे की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR तैयार कर रहा है। गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के लिए कई जिलों में सर्वे भी पूरा हो चुका है। भूमि अधिग्रहण यानी लैंड एक्विजिशन समेत इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 35 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। इस प्रोजेक्ट का काम पूरा होने पर गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे न सिर्फ उत्तर प्रदेश का, बल्कि देश की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में से एक होगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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