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Dehradun Cloud Burst: टपकेश्वर महादेव मंदिर को भी पहुंचा नुकसान, जानें कैसे पड़ा यह नाम

सोमवार रात से देहरादून जिले में भारी बारिश हो रही थी। देर रात यहां के सहस्त्रधारा क्षेत्र में बादल फटने से फ्लैशफ्लड आ गया , जिससे काफी नुकसान पहुंचा है। भारी बारिश के बाद तमसा नदी में बाढ़ आने से यहां का टपकेश्वर महादेव मंदिर जलमग्न हो गया। चलिए जानते हैं इस मंदिर का नाम टपकेश्वर महादेव कैसे पड़ा।

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बादल फटने और फ्लैश फ्लड से टपकेश्वर मंदिर जलमग्न

देहरादून में सहस्त्रधारा के पास बादल फटने से जिले में भारी तबाही देखने को मिल रही है। बादल फटने और रात को भारी बारिश के चलते देहरादून में जनजीवन अस्तव्यस्त है। फ्लैश फ्लड के चलते कई घर और गाड़ियां मलबे में दब गईं। सहस्त्रधारा क्षेत्र में कई दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस दौरान देहरादून के मशहूर टपकेश्वर महादेव मंदिर भी जलमग्न हो गया और इससे मंदिर को भी नुकसान पहुंचा है।

सोमवार रात को शुरू हुई भारी बारिश के चलते सहस्त्रधारा क्षेत्र में बादल फटने की घटना हुई। जिसके चलते सहस्त्रधारा रोड, प्रेमनगर, नंदा की चौकी और IT पार्क में काफी नुकसान हुआ और बाजार पानी में डूब गया। खबरों के मुताबिक यहां के ऐतिहासिक टपकेश्वर महादेव मंदिर को भी नुकसान पहुंचा है। चलिए जानते हैं कहां पर है यह मंदिर और क्यों इसका नाम टपकेश्वर महादेव पड़ा।

देहरादून से कितनी दूर टपकेश्वर महादेव

टपकेश्वर महादेव मंदिर यहां देहरादून का एक मशहूर मंदिर है। यह देहरादून सिटी बस स्टेंड से मात्र 5.5 किमी दूर गढ़ी कैंट क्षेत्र में एक छोटी नदी, तमसा नदी के किनारे मौजूद है। यहां तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। हालांकि आज बादल फटने की घटना के बाद फिलहाल यहां से दूर रहें तो अच्छा रहेगा।

क्यों पड़ा टपकेश्वर महादेव नाम

यहां गढ़ी कैंट क्षेत्र में एक गुफा के अंदर शिवलिंग है, जहां पर टपकेश्वर मंदिर बना है। इस शिवलिंग पर चट्टान से लगातार पानी की बूंदें टपकती रहती हैं। इसी के चलते भगवान शिव के इस मंदिर का नाम टपकेश्वर महादेव मंदिर पड़ा है। शिवरात्रि के अवसर पर यहां मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचते हैं।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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