सूरत में शीतल रेस्टोरेंट से जुड़े फूड पॉइजनिंग मामले के बाद प्रशासन फूड सेफ्टी को लेकर सख्त हो गया है। सूरत महानगरपालिका ने शहरभर में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़ा जांच अभियान चलाया है। जिसके तहत फूड सेफ्टी और स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य खाद्य दुकानों में जाकर सरप्राइज चेकिंग कर रही हैं। इस अभियान के तहत अब तक 17 होटल-रेस्टोरेंट को गंभीर खामियों के चलते सील किया जा चुका है।
208 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस
महानगरपालिका ने शहर के सभी 9 जोन में विशेष टीमें गठित की हैं। इन टीमों ने अब तक छोटे-बड़े मिलाकर कुल 330 होटल और रेस्टोरेंट की सरप्राइज जांच की है। जांच के दौरान पाया गया कि कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। जांच में कमियां मिलने के बाद 208 होटल और रेस्टोरेंट को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
टीम ने जांच के दौरान 17 खाद्य प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इन जगहों पर गंभीर स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया। टीम ने कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य प्रतिष्ठानों से कुल 4.17 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों में लापरवाही को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहरभर में चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और प्रतिष्ठानों में स्वच्छता व्यवस्था की जांच करना है।
कारोबारियों को स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और ताजगी से समझौता नहीं करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा किचन और डाइनिंग एरिया में साफ-सफाई रखने और FSSAI लाइसेंस व जरूरी प्रमाणपत्र तय नियमों के अनुसार दिखाने को कहा गया है।
महानगरपालिका के मुताबिक, खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच का यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
