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Surajkund Mela 2026 : कैदियों के स्टॉल देखते रह गए लोग, नायाब चीजें बनाकर मेले में लगा दिए चार चांद!

Surajkund Mela 2026 : कैदी न केवल कुशल कारीगर बन गए हैं बल्कि उनमें आत्मविश्वास और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित हुआ है। हरियाणा के जेल महानिदेशक आलोक मित्तल ने कहा कि यह पहल केवल उत्पाद बिक्री तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सशक्त संदेश देती है कि सही अवसरों और मार्गदर्शन के साथ, प्रत्येक व्यक्ति सकारात्मक परिवर्तन की ओर बढ़ सकता है।

Surajkund Mela 2026

सूरजकुंड मेला

Surajkund Mela 2026 : हरियाणा की लगभग 18 जेलों के कैदियों द्वारा बनाए गए उत्पाद सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जो राज्य की सुधारात्मक जेल नीति और प्रभावशीलता को दर्शाते हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले के 39वें संस्करण में हरियाणा कारागार विभाग द्वारा एक ’स्टॉल’ लगाया गया है। यह स्टॉल न केवल अपने हस्तनिर्मित उत्पादों के लिए, बल्कि उनके पीछे छिपी सुधार, पुनर्वास और परिवर्तन की प्रेरक कहानी के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया है।

हरियाणा सरकार राज्य भर की जेलों में व्यापक सुधार और पुनर्वास कार्यक्रम चला रही है, जिसका उद्देश्य कैदियों को अपराध से दूर करके एक गरिमापूर्ण, आत्मनिर्भर जीवन की ओर ले जाना है। इन प्रयासों के तहत, कैदियों के लिए कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावी ढंग से लागू किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि जेल प्रशासन कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बढ़ईगिरी, चित्रकला, बेकरी, कढ़ाई, सिलाई, एलोवेरा आधारित उत्पाद बनाने, फर्नीचर बनाने और अन्य हस्तशिल्प में नियमित और व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान करता है।

कुशल कारीगर बन गए कैदी

उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से कई कैदी न केवल कुशल कारीगर बन गए हैं बल्कि उनमें आत्मविश्वास और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित हुआ है। हरियाणा के जेल महानिदेशक आलोक मित्तल ने कहा कि यह पहल केवल उत्पाद बिक्री तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सशक्त संदेश देती है कि सही अवसरों और मार्गदर्शन के साथ, प्रत्येक व्यक्ति सकारात्मक परिवर्तन की ओर बढ़ सकता है।

हरियाणा कारागार विभाग कैदियों को रोजगारोन्मुखी कौशल, आत्मसम्मान और सामाजिक स्वीकृति प्रदान करने में सराहनीय भूमिका निभा रहा है, जिससे उन्हें सजा पूरी करने के बाद समाज की मुख्यधारा में पुनः एकीकृत होने में मदद मिल रही है।

कब तक है सूरजकुंड मेला

यह मेला 31 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों और अन्य देशों की हस्तशिल्प, हथकरघा, संस्कृति और व्यंजनों की बेहतरीन परंपराओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। पिछले साल मेले में 44 देशों ने भाग लिया था, जबकि इस साल 50 से अधिक देश शामिल हैं।

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Pushpendra Kumar
Pushpendra Kumar author

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ... और देखें

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