शहर

UP News: श्रमजीवी विस्फोट कांड में दो आतंकियों को सुनाई गई फांसी की सजा, 18 साल पहले हुई थी घटना

2005 में हुए श्रमजीवी विस्फोट के मामले में दो आतंकियों को कोर्ट ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इसके अलावा कई अन्य धाराओं में जुर्माना भी लगाया गया है। दोनों आतंकियों को 22 दिसंबर को दोषी करार दिया गया था।

Image

कोर्ट ने दो आतंकियों को दिया मृत्युदंड (फोटो साभार - ट्विटर)

Jaunpur News: श्रमजीवी विस्फोट कांड के मामले में दो आतंकवादियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। 18 साल पहले श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में बम विस्फोट हुआ था। इस घटना में 14 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में कोर्ट ने बुधवार को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायधीश प्रथम राजेश कुमार राय ने बांग्लादेश निवासी हिलालुद्दीन उर्फ हिलाल और बंगाल निवासी नफीकुल विश्वास को फांसी की सजा दी है। साथ ही अलग-अलग धाराओं में जुर्माना भी लगाया गया है।

2016 में दो आतंकियों को सुनाई गई फांसी की सजा

28 जुलाई 2005 को श्रमजीवी एक्सप्रेस में आतंकियों ने बम विस्फोट किया था। यह घटना सिंगरामऊ के हरपालगंज हिरहरपुर के पास हुई थी। जिसमें 14 लोग मारे गए थे और करीब 62 लोग घायल हुए थे। इस घटना की साजिश रचने वाला आतंकी ओबैदुर्रहमान था और बांग्लादेशी आतंकी रोनी उर्फ आलमगीर ने बम रखने का काम किया था। इन आतंकियों को 2016 में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। जिसके बाद इन्होंने हाईकोर्ट में अपील की, जो विचाराधीन है। इस मामले में अब दो अन्य आतंकियों को भी फांसी की सजा मिली है।

22 दिसंबर को हुए थे दोषी करार

बुधवार को 4 बजकर 15 मिनट पर दोनों आरोपियों को सजा सुनाई गई। इस दौरान न्यायालय परिसर में कड़ी सुरक्षा का इतंजाम था। दोनों को सजा सुनाने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के साथ जिला जेल के लिए ले जाया गया। दोनों आतंकियों को 22 दिसंबर को इस मामले में दोषी करार दिया गया था। जिसके बाद सजा सुनाने के लिए बुधवार की तारीख तय की गई थी।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें