शहर

Shikohpur Land Scam Case: कमर्शियल कॉलोनी की जमीन का किया सौदा, कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा को दिया नोटिस, ED ने लिया संज्ञान

Robert Vadra Case: ईडी ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाद्रा के खिलाफ पिछले साल जुलाई में आरोप पत्र दाखिल किया था। वाद्रा, मामले के अन्य आरोपियों को 16 मई को अदालत में पेश होने का निर्देश।

Image

Shikohpur Land Scam Case: अदालत का जमीन के सौदे से जुड़े मामले में रॉबर्ट वाद्रा को नोटिस, ED के आरोपपत्र का लिया गया संज्ञान

Robert Vadra: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा फैसला सुनाते हुए रॉबर्ट वाड्रा समेत कई आरोपियों के खिलाफ ट्रायल का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कहा कि पहली नजर में मामला बनता है और इसकी सुनवाई जारी रहनी चाहिए। कोर्ट में पेश किए गए तथ्यों के मुताबिक, गुरुग्राम के शिकोहपुर इलाके में करीब 3.5 एकड़ जमीन की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी का आरोप है। बताया गया कि जमीन का सौदा 7.5 करोड़ रुपये में दिखाया गया, लेकिन उस समय असल भुगतान नहीं हुआ। बाद में ज्यादा रकम ट्रांसफर की गई, जिससे पूरी डील पर सवाल खड़े हुए।

'पहली बार था जब...'

ईडी ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ पिछले साल जुलाई में आरोप पत्र दाखिल किया था। यह पहली बार था जब किसी जांच एजेंसी ने रॉबर्ट वाद्रा (57) के खिलाफ आपराधिक मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था। अप्रैल 2025 में, ईडी ने वाद्रा से लगातार तीन दिन तक पूछताछ की थी।

क्या है मामला?

वाड्रा के खिलाफ जांच हरियाणा के गुरुग्राम जिले के मानेसर-शिकोहपुर (वर्तमान सेक्टर 83) में हुए एक भूमि सौदे से जुड़ी है। यह सौदा फरवरी 2008 में स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी द्वारा किया गया था, जिसमें वाड्रा पहले निदेशक थे। इस सौदे के तहत कंपनी ने शिकोहपुर में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी। उस समय हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। चार साल बाद, सितंबर 2012 में कंपनी ने वह जमीन रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनी डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दी। अक्टूबर 2012 में यह सौदा विवादों में घिर गया, जब उस समय भूमि समेकन और भूमि अभिलेख के महानिदेशक-सह-पंजीकरण महानिरीक्षक के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने लेनदेन को राज्य समेकन अधिनियम और कुछ संबंधित प्रक्रियाओं का उल्लंघन करार देते हुए ’म्यूटेशन’ रद्द कर दी।

कोर्ट में पेश किए गए तथ्यों के मुताबिक, गुरुग्राम के शिकोहपुर इलाके में करीब 3.5 एकड़ जमीन की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी का आरोप है। बताया गया कि जमीन का सौदा 7.5 करोड़ रुपये में दिखाया गया, लेकिन उस समय असल भुगतान नहीं हुआ। बाद में ज्यादा रकम ट्रांसफर की गई, जिससे पूरी डील पर सवाल खड़े हुए।

ED का आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर इस जमीन पर कमर्शियल कॉलोनी का लाइसेंस हासिल किया गया और फिर उसी जमीन को DLF को करीब 58 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। इस सौदे में लगभग 43 करोड़ रुपये का अवैध फायदा कमाने की बात सामने आई है, जिसे बाद में अलग-अलग कंपनियों के जरिए रोटेट कर सफेद किया गया। कोर्ट ने साफ किया कि मनी लॉन्ड्रिंग का मामला एक स्वतंत्र अपराध है, इसलिए भले ही मूल FIR की जांच अभी पूरी न हुई हो, लेकिन PMLA के तहत यह केस आगे चल सकता है। साथ ही, यह भी कहा गया कि दिल्ली में कंपनियों और बैंक खातों के लिंक होने के कारण यहां की अदालत को इस मामले की सुनवाई का अधिकार है।

गौरतलब है कि ईडी ने 17 जुलाई 2025 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें शिकोहपुर भूमि सौदे में अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए थे। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने जिन लोगों और कंपनियों को समन जारी किया है, उनमें रॉबर्ट वाड्रा के अलावा केवल सिंह विर्क भी शामिल हैं। साथ ही कई कंपनियों के निदेशकों को भी तलब किया गया है, जिनमें स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, स्काई लाइट रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड, रियल अर्थ एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड, ब्लू ब्रीज ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, नॉर्थ इंडिया आईटी पार्क्स प्राइवेट लिमिटेड, लम्बोदर आर्ट एंटरप्राइजेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एसजीवाई प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। अब इस मामले में 16 मई को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article