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अयोध्या में दिखी सरयू महोत्सव की झलक, धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू

Saryu Mahotsav : रामनगरी अयोध्या में सरयू महोत्सव की शुरुआत हो गई है। सरयू का जन्मोत्सव 22 जून को ज्येष्ठ की पूर्णिमा के दिन मनाया जाएगा।

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सरयू महोत्सव की शुरुआत

Photo : PTI

Saryu Mahotsav : भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में गुरुवार को सरयू महोत्सव शुरू हुआ और इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान कर दर्शन-पूजन कर रहे हैं। ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा को सरयू का जन्मोत्सव मनाया जाता है उससे पहले आज से ही धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो जाएगा और पूजन तथा अर्चन का कार्य विशेष रूप से किया जाएगा ।

श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था

नित्य आरती के दरमियान भी मां सरयू के जन्मोत्सव को लेकर के विशेष आरती की जाएगी और इतना ही नहीं रामचरितमानस एवं रामायण के पाठों का परायण होगा तथा धूमधाम से सरयू का जन्मोत्सव 22 जून को ज्येष्ठ की पूर्णिमा के दिन मनाया जाएगा। श्रद्धालुओं ने सरयू महोत्सव मनाने के लिए घाटों पर पूजा-अर्चना की और अनुष्ठान किए। स्थानीय प्रशासन ने महोत्सव और इसमें शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की है।

स्थानीय पुजारी ओम प्रकाश पांडे ने बताया कि 22 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर सरयू जयंती मनाई जाएगी। सरयू महोत्सव से शुरू होकर, सरयू जयंती के लिए शुभ समय निर्धारित किए गए हैं। इसकी शुरुआत आज 22 तारीख को मुख्य कार्यक्रम के साथ हुई। हजारों श्रद्धालु प्रार्थना कर रहे हैं और सरयू महोत्सव का आनंद ले रहे हैं। सरयू नदी का उल्लेख रामायण सहित विभिन्न प्राचीन ग्रंथों और महाकाव्यों में मिलता है। सरयू के तट पर बसा अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि माना जाता है, जिससे यह नदी तीर्थस्थल बन गई है।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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